Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बुधवार शाम को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान अप्रत्याशित रूप से हालात तनावपूर्ण हो गए, जिसके बाद पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के 12 नामजद नेताओं और अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिसकर्मियों के ऊपर पथराव करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस हिंसक झड़प के दौरान भीड़ की तरफ से कांच की बोतलें, लकड़ियां और जूते भी फेंके गए, जिसकी चपेट में आकर लगभग 16 पुलिस कर्मचारी और अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। खम्हारडीह थाना प्रभारी भावेश कुमार गौतम की आधिकारिक शिकायत के आधार पर पुलिस ने यह मामला दर्ज किया है और आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से की जा रही है।

शासकीय कार्य में बाधा और बल प्रयोग का मामला दर्ज
पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के अनुसार, कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मुख्य रूप से शासकीय कर्तव्य के निर्वहन में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करने का आरोप है। प्राथमिकी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी आरोपियों ने एक राय होकर लोक सेवकों के कर्तव्यों में खलल डाला और उनके साथ प्रत्यक्ष रूप से बल प्रयोग किया गया। शहर की शांति और कानून व्यवस्था को भंग करने का प्रयास करने के आरोप में इन तमाम सख्त धाराओं के तहत पुलिस ने यह कानूनी कदम उठाया है। घायल पुलिसकर्मियों का स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

मध्य जोन ADCP तारकेश्वर पटेल ने दी पूरी घटना की जानकारी
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए मध्य जोन के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) तारकेश्वर पटेल ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ता राजीव भवन का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे थे, तभी राजीव भवन के नजदीक पहुंचते ही भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प और बड़ा बवाल शुरू हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का भी इस्तेमाल करना पड़ा। इसी गहमागहमी के बीच कांग्रेस के कुछ उग्र नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस बल पर पथराव कर दिया, जिसमें कुल 16 पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए हैं।
दिल्ली के विरोध प्रदर्शन के बाद रायपुर में गरमाई थी सियासत
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के घेराव किए जाने के विरोध में छत्तीसगढ़ भाजपा ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय ‘राजीव भवन’ के घेराव का आक्रामक ऐलान किया था। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए खम्हारडीह थाना क्षेत्र, पुलिस लाइन और अन्य थानों से भारी पुलिस बल की तैनाती पहले ही कर दी गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शन के दौरान स्थिति बेकाबू हो गई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस बल पर पथराव कर दिए जाने के कारण यह बड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है।
एफआईआर में शामिल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के नाम
पुलिस द्वारा दर्ज की गई इस एफआईआर में जिन 12 प्रमुख कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं, उनमें सुनील कुकरेजा, विनोद तिवारी, सकलेन कामदार, आकाश तिवारी, अजीत कुकरेजा, हनी बग्गा, शांतनु झा, गावेश साहू, खूबी डहरिया, सागर दुल्हनी, अजीज भिनसरा, और अमित तिवारी शामिल हैं। इनके अलावा कुछ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। स्थानीय पुलिस अब वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे उपद्रव में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और आगे की विधिक प्रक्रिया को पूरा करने में जुटी हुई है।
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