Delhi Protest : दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर कई सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त कर दी गई है कि पूरा क्षेत्र सामान्य प्रदर्शन स्थल के बजाय एक अत्यधिक नियंत्रित क्षेत्र जैसा दिखाई देता है। दीपके ने कहा कि आंदोलन लंबे समय से जारी है और अब तक सरकार की ओर से अपेक्षित स्तर पर संवाद स्थापित नहीं किया गया है।

प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया को लेकर उठाए सवाल
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। उनके अनुसार, सरकार को आंदोलन और उससे जुड़ी घटनाओं की जानकारी पहले से थी, लेकिन सार्वजनिक प्रतिक्रिया आने में काफी समय लगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पहले ही इस विषय पर सक्रियता दिखाती और आंदोलनकारियों से संवाद स्थापित करती, तो स्थिति अलग हो सकती थी। दीपके ने सरकार से छात्रों के मुद्दों पर अधिक संवेदनशीलता दिखाने की अपील की।

सोनम वांगचुक के अनशन का किया उल्लेख
अभिजीत दीपके ने अपने बयान में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वांगचुक लंबे समय से आंदोलन के समर्थन में अनशन पर हैं और यह गंभीर चिंता का विषय है। दीपके ने कहा कि किसी व्यक्ति का इतने लंबे समय तक भूख हड़ताल पर बने रहना केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने सरकार से अपील की कि आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर सकारात्मक संवाद शुरू किया जाए।
शिक्षा मंत्री को लेकर भी उठाई मांग
सीजेपी संस्थापक ने कहा कि संगठन की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करना और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के संबंध में कार्रवाई की मांग शामिल है। उनका कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मांगों पर अपेक्षित गति से निर्णय नहीं ले रही है, जिससे आंदोलन लंबा खिंचता जा रहा है।
जंतर-मंतर की व्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी
दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के कारण सामान्य संचार सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन स्थल के आसपास मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं का उपयोग करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारी सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंधों के कारण लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। उनके अनुसार, कम दूरी तय करने में भी काफी अधिक समय लग रहा है।
पेपर लीक रोकने पर दिया जोर
अभिजीत दीपके ने कहा कि सरकार को सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए। उनका कहना था कि यदि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते, तो पेपर लीक जैसे मामलों को रोका जा सकता था। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में तकनीकी सुधार, जवाबदेही और सख्त निगरानी की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
संवाद से समाधान की अपील
अपने बयान के अंत में अभिजीत दीपके ने कहा कि सीजेपी का उद्देश्य सरकार के साथ टकराव बढ़ाना नहीं, बल्कि छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालना है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि आंदोलनकारियों के साथ सार्थक और सकारात्मक संवाद शुरू किया जाए, ताकि परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों का स्थायी समाधान निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर सभी पक्षों को मिलकर काम करना चाहिए, जिससे छात्रों का विश्वास मजबूत हो और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचा जा सके।











