Amarnath Yatra Update: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसे हालातों को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए प्रदेश की प्रमुख धार्मिक यात्राओं को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। खराब मौसम के कारण अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा और शिवखोड़ी धाम की यात्रा फिलहाल रोक दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और मौसम सामान्य होने के बाद ही आगे की स्थिति की समीक्षा कर यात्राएं दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा।

छह हजार से अधिक श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया
अधिकारियों के अनुसार, यात्रा मार्गों पर मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए छह हजार से अधिक श्रद्धालुओं को जम्मू-कश्मीर के विभिन्न सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। जम्मू, कठुआ, सांबा, ऊधमपुर, रामबन, बनिहाल और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ठहरे हुए हैं। प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम में सुधार होने तक आगे बढ़ने का प्रयास न करें। श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

अमरनाथ यात्रा में अब तक लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
अमरनाथ यात्रा इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी हुई है। यात्रा शुरू होने के बाद पिछले लगभग 20 दिनों में करीब 3.91 लाख श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। हालांकि 19 जुलाई से लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम के कारण पहलगाम तथा बालटाल, दोनों प्रमुख मार्गों से यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है। जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर सहित अन्य पड़ावों पर मौजूद श्रद्धालुओं को फिलहाल प्रशासन की अगली सूचना तक प्रतीक्षा करने के लिए कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम अनुकूल होने और मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही यात्रा फिर से शुरू की जाएगी।
वैष्णो देवी यात्रा भी बारिश से प्रभावित
भारी वर्षा का असर माता वैष्णो देवी यात्रा पर भी पड़ा है। जानकारी के अनुसार, अर्धकुंवारी और भवन के बीच बने नए ट्रैक पर भूस्खलन होने से मार्ग बाधित हो गया है। इसके कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है और बैटरी कार सेवा भी अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी है। श्राइन बोर्ड और प्रशासन की टीमें लगातार मलबा हटाने तथा मार्ग को सुरक्षित बनाने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि रास्ता पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
शिवखोड़ी धाम की यात्रा पर भी लगाया गया विराम
रियासी जिले में स्थित प्रसिद्ध शिवखोड़ी धाम की यात्रा भी लगातार बारिश के कारण प्रभावित हुई है। क्षेत्र में सड़क संपर्क बाधित होने और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। अधिकारियों के अनुसार, जब तक सड़कें पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जातीं और मौसम सामान्य नहीं हो जाता, तब तक श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। संबंधित विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की सहयोग की अपील
प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे बिना अनुमति यात्रा मार्गों पर आगे बढ़ने का प्रयास न करें और पुलिस, जिला प्रशासन तथा श्राइन बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार का जोखिम उठाना उचित नहीं होगा, क्योंकि कई इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन की संभावना बनी हुई है। प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति की निगरानी कर रहा है और हालात सामान्य होते ही यात्राओं को दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।
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