CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच जारी गतिरोध के बीच अब बातचीत का रास्ता खुलता नजर आ रहा है। शुक्रवार को सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत करने के लिए दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया पहुंचे। इससे पहले संगठन की ओर से बैठक को लेकर कुछ शर्तें रखी गई थीं, जिन्हें ध्यान में रखते हुए बातचीत के लिए स्थान तय किया गया।

नेताओं के घर या दफ्तर में बैठक से CJP ने किया इनकार
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने बैठक से पहले स्पष्ट किया कि संगठन किसी भी नेता के निजी कार्यालय या आवास पर बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बातचीत करना चाहती है तो या तो उसके प्रतिनिधि जंतर-मंतर पर आएं या फिर किसी तटस्थ स्थान पर बैठक आयोजित की जाए। इसके बाद सरकार की ओर से कॉन्स्टिट्यूशन क्लब को बातचीत के लिए चुना गया।

CJP ने सरकार के सामने रखीं चार प्रमुख मांगें
बातचीत के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी ने अपनी चार मुख्य मांगों को प्रमुखता से रखा। संगठन का कहना है कि इन मांगों के समाधान के बिना आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। सीजेपी की प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कड़े कानून और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देना शामिल है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा संगठन
सीजेपी संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने बातचीत के दौरान साफ कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा संगठन को कोई अन्य समाधान स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा और यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के युवाओं की आवाज है।उन्होंने कहा कि यह आंदोलन न तो सोनम वांगचुक का व्यक्तिगत प्रदर्शन है और न ही किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम। यह देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने दोहराया कि सरकार यदि इस आंदोलन का समाधान चाहती है तो सबसे पहले शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी तय करनी होगी।
नीट पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच की मांग
सीजेपी ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर सरकार से पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में मौजूद खामियों के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। सीजेपी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की है, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सख्त कानून की मांग
संगठन ने परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नए और प्रभावी कानून की मांग भी रखी है। सीजेपी का कहना है कि केवल कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा संचालन प्रणाली में मूलभूत बदलाव जरूरी हैं। इसके साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और संस्थानों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।
सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने पर बोले अभिजीत दिपके
अभिजीत दिपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक ने छात्रों के मुद्दों को लेकर आवाज उठाई और उनका संघर्ष महत्वपूर्ण है। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और सोनम वांगचुक के बीच हुई बातचीत में विपक्षी नेताओं और आंदोलनकारियों को शामिल नहीं किया गया।दिपके ने दावा किया कि सोनम वांगचुक को सरकार ने हिरासत में रखा था और उनसे केवल कुछ नेताओं को मिलने की अनुमति दी गई। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसदों और सीजेपी प्रतिनिधियों को उनसे मिलने का मौका नहीं दिया गया।
आंदोलन जारी रखने का CJP ने किया ऐलान
सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन का कहना है कि यह लड़ाई देश के छात्रों के अधिकार, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है। सरकार और सीजेपी के बीच हुई बातचीत के बाद अब आगे की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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