Dhamtari EOW Raid: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए नया बस स्टैंड स्थित अनिल मेडिकल एजेंसी पर छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई से दवा कारोबारियों और स्थानीय व्यापारिक क्षेत्र में हलचल मच गई। तड़के पहुंची ईओडब्ल्यू की टीम ने एजेंसी परिसर को अपने नियंत्रण में लेकर कई घंटों तक जांच की।

स्वास्थ्य संचालनालय घोटाले से जुड़ी बताई जा रही कार्रवाई
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ईओडब्ल्यू की यह कार्रवाई वर्ष 2004 में सामने आए चर्चित स्वास्थ्य संचालनालय घोटाले की जांच से जुड़ी हुई है। जांच एजेंसी को आशंका है कि मेडिकल एजेंसी के जरिए कुछ संदिग्ध वित्तीय लेनदेन किए गए थे। इन्हीं संभावित अनियमितताओं की जांच के तहत टीम ने दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की है।

सुबह-सुबह मेडिकल एजेंसी पहुंची विशेष टीम
जानकारी के मुताबिक, ईओडब्ल्यू की विशेष टीम शुक्रवार सुबह बिना किसी पूर्व सूचना के अनिल मेडिकल एजेंसी पहुंची। अधिकारियों ने सबसे पहले पूरे परिसर को अपने कब्जे में लिया और वहां मौजूद कर्मचारियों व संचालकों से पूछताछ शुरू की। इसके बाद बिक्री रिकॉर्ड, खरीद दस्तावेज, बिल, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य वित्तीय कागजातों की जांच की गई।
घंटों चली जांच, कई महत्वपूर्ण दस्तावेज किए जब्त
ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने मेडिकल एजेंसी में कई घंटे तक जांच अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने बड़ी संख्या में दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और लेनदेन से संबंधित फाइलें जब्त कीं। अधिकारियों का मानना है कि इन दस्तावेजों से पुराने मामले में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
वित्तीय लेनदेन की गहराई से हो रही पड़ताल
जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, मेडिकल एजेंसी से जुड़े कुछ वित्तीय लेनदेन जांच के दायरे में आए हैं। ईओडब्ल्यू अब इन रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मामलों में किसी तरह की वित्तीय अनियमितता हुई थी। दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेजों की होगी फोरेंसिक जांच
जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का फोरेंसिक परीक्षण कराया जा सकता है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि तकनीकी जांच के माध्यम से पुराने लेनदेन, भुगतान प्रक्रिया और संभावित संबंधों की जानकारी मिल सकेगी। यदि जांच में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े पुराने मामलों पर नजर
सूत्रों का कहना है कि दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद स्वास्थ्य विभाग से जुड़े पुराने मामलों में कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ सकती है। हालांकि, ईओडब्ल्यू ने अभी तक किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ आधिकारिक रूप से कोई आरोप सार्वजनिक नहीं किया है।
दवा कारोबारियों में बढ़ी चिंता और चर्चाएं
ईओडब्ल्यू की इस कार्रवाई के बाद धमतरी के दवा कारोबारियों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। अचानक हुई छापेमारी के कारण पूरे बाजार में दिनभर इस मामले को लेकर चर्चा होती रही। व्यापारी अब ईओडब्ल्यू की आगे की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी तस्वीर
फिलहाल ईओडब्ल्यू ने छापेमारी में मिले दस्तावेजों की संख्या, जांच में सामने आए तथ्यों या संभावित आरोपियों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों और रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।करीब दो दशक पुराने स्वास्थ्य संचालनालय घोटाले से जुड़ी इस कार्रवाई ने एक बार फिर पुराने मामले को चर्चा में ला दिया है। अब सभी की नजर ईओडब्ल्यू की आगामी जांच और संभावित खुलासों पर टिकी हुई है।
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