Houthi Attack Saudi Arabia: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष की आग अब और अधिक भड़क उठी है, जिसका दायरा बढ़कर लाल सागर और सऊदी अरब तक पहुंच गया है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उन्होंने सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से भीषण हमले किए हैं। इस बीच, कैस्पियन सागर में हुए एक अन्य घटनाक्रम में यूक्रेनी हमले की वजह से ईरान का एक कमर्शियल जहाज भी बुरी तरह निशाना बना है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

हूती विद्रोहियों का अरामको ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमला
हूती सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने आधिकारिक रूप से दावा किया है कि उनके संगठन ने सऊदी अरब के यनबू और जीजान शहरों में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘अरामको’ के ठिकानों को निशाना बनाकर कई मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। हूती समूह का तर्क है कि यह सैन्य कार्रवाई यमन के लाल सागर तट पर स्थित रणनीतिक शहर हौदैदाह पर किए जा रहे सऊदी हवाई हमलों और यमन की आर्थिक नाकाबंदी के कड़े जवाब में की गई है।

लाल सागर व्यापार मार्ग पर नाकाबंदी की गंभीर चेतावनी
हूती नेतृत्व ने खुली चेतावनी दी है कि जब तक यमन पर जारी सैन्य हमले और नाकाबंदी पूरी तरह समाप्त नहीं होती, वे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘बाब अल-अल-मंदेब जलडमरूमध्य’ से सऊदी अरब से जुड़े किसी भी जहाज को गुजरने नहीं देंगे। यह समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रास्तों में से एक है, जहां से दुनिया का लगभग 12% व्यापार और 25% कंटेनर आवाजाही करते हैं। इस नाकाबंदी की धमकी से वैश्विक सप्लाई चेन पर भारी खतरा मंडरा रहा है।
सऊदी गठबंधन की जवाबी कार्रवाई और ईरान की कूटनीतिक अपील
हूती हमलों के जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने शुक्रवार रात यमन के हौदैदाह प्रांत में स्थित कई सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। हूती प्रशासन के मुताबिक इन हमलों में दो लोग घायल हुए हैं। दूसरी ओर, सऊदी गठबंधन का कहना है कि उसने केवल उन सामरिक ठिकानों को निशाना बनाया जो लाल सागर में गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों के लिए बड़ा खतरा बने हुए थे। इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत और कूटनीति के जरिए इस संकट का समाधान निकालने की अपील की है।
ईरान-यूक्रेन विवाद, कैस्पियन सागर हमला और भारी जनहानि
ईरान ने कैस्पियन सागर में अपने कमर्शियल जहाज पर हुए कथित यूक्रेनी हमले की कड़ी निंदा की है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और एक अन्य के घायल होने की खबर है। विरोध स्वरूप ईरान ने यूक्रेनी राजनयिक को तलब किया है। समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, लगातार 13 रातों के अमेरिकी हमलों के बाद शनिवार रात ईरान में पहली बार शांत रात गुजरी। इस पूरे संघर्ष में अब तक ईरान में 3,400 से अधिक, लेबनान में 4,000 से ज्यादा लोगों के साथ-साथ कई अमेरिकी और इजरायली सैनिकों व नागरिकों की जान जा चुकी है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है।












