PoJK Elections: भारत सरकार ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) में कराए जा रहे तथाकथित विधानसभा चुनावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह चुनावी प्रक्रिया पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे को वैध दिखाने का एक प्रयास मात्र है। मंत्रालय ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा केंद्र शासित प्रदेश, जिसमें पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाला क्षेत्र भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। भारत ने स्पष्ट किया कि इस तरह की किसी भी चुनावी कवायद से क्षेत्र की वास्तविक संवैधानिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं आता।

विदेश मंत्रालय ने चुनावों को बताया ‘कॉस्मेटिक एक्सरसाइज’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि पीओके में कराए जा रहे चुनाव केवल एक दिखावटी प्रक्रिया हैं। उन्होंने इसे “कॉस्मेटिक चुनाव” बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाना है। उनके अनुसार, पाकिस्तान इस प्रक्रिया के जरिए अपने अवैध कब्जे को उचित ठहराने और वहां की वास्तविक स्थिति को छिपाने की कोशिश कर रहा है।

मानवाधिकार उल्लंघनों पर भी उठाए सवाल
विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में लंबे समय से मानवाधिकारों के उल्लंघन की घटनाएं सामने आती रही हैं। मंत्रालय का कहना है कि वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत अधिकारों से वंचित रखा गया है और प्रशासनिक स्तर पर भी अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भारत ने कहा कि चुनाव कराने से इन समस्याओं का समाधान नहीं होगा और न ही इससे क्षेत्र में व्याप्त वास्तविक परिस्थितियां बदल जाएंगी।
पीओके में जारी विरोध प्रदर्शनों का किया उल्लेख
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां बड़े स्तर पर हो रहे प्रदर्शन आर्थिक समस्याओं, संसाधनों के कथित शोषण, नागरिक अधिकारों की कमी और प्रशासनिक दबाव के कारण सामने आ रहे हैं। मंत्रालय का कहना है कि इन विरोध प्रदर्शनों से यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय लोगों के बीच असंतोष मौजूद है और केवल चुनाव कराने से इन मुद्दों का समाधान संभव नहीं है।
नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर सरकार का पक्ष
विदेश मंत्रालय ने आर्थिक अपराधी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण मामले पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। रणधीर जायसवाल ने कहा कि ब्रिटेन में नीरव मोदी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है और जब तक वहां की न्यायिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक प्रत्यर्पण की अगली कार्रवाई संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क में है।
भगोड़े आर्थिक अपराधियों को वापस लाने की प्रतिबद्धता
मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार का उद्देश्य सभी भगोड़े आर्थिक अपराधियों को भारतीय न्याय व्यवस्था के दायरे में लाना है। सरकार का कहना है कि विदेशों में मौजूद ऐसे सभी आरोपियों को कानून के अनुसार भारत वापस लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने भरोसा जताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक कदम आगे बढ़ाए जाएंगे।
भारत-चीन सीमा व्यापार फिर होगा शुरू
विदेश मंत्रालय ने भारत-चीन सीमा व्यापार को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि 1 अगस्त से नाथू-ला पास के माध्यम से दोनों देशों के बीच सीमा व्यापार दोबारा शुरू किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह कोई नया निर्णय नहीं है, बल्कि पहले से हुई द्विपक्षीय सहमति के अनुरूप उठाया जा रहा कदम है। इसके जरिए सीमा क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को फिर से गति मिलने की उम्मीद है।
पहले की सहमति के तहत लागू होगा फैसला
विदेश मंत्रालय ने बताया कि 19 अगस्त 2025 को जारी संयुक्त सहमति के अनुसार भारत और चीन ने लिपुलेख, शिपकी ला और नाथू-ला पास के जरिए सीमा व्यापार बहाल करने पर सहमति बनाई थी। अब उसी समझौते के तहत चरणबद्ध तरीके से इन मार्गों को फिर से सक्रिय किया जा रहा है। मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच तय समय-सीमा के अनुसार व्यापार बहाली की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
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