Fake Loan Apps Alert: सरकार की बड़ी चेतावनी, असली जैसे दिखने वाले ऐप्स से बचें, नहीं तो भारी नुकसान

Fake Loan Apps Alert: देशभर में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच सरकार ने लोगों को फर्जी लोन ऐप्स से सतर्क रहने की सलाह दी है। गृह मंत्रालय के तहत कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की साइबर सुरक्षा इकाई Cyber Dost ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कई नकली लोन ऐप्स असली वित्तीय संस्थानों की तरह दिखते हैं, लेकिन इनका उद्देश्य लोगों की निजी और बैंकिंग जानकारी चुराना है। ये ऐप्स देखने में पूरी तरह भरोसेमंद लग सकते हैं, इसलिए इन्हें डाउनलोड करने से पहले पूरी जांच करना बेहद जरूरी है।

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गूगल प्ले स्टोर पर भी मौजूद हैं संदिग्ध ऐप्स

I4C ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा जानकारी में बताया कि साइबर अपराधी पंजीकृत वित्तीय संस्थानों के नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। कई फर्जी लोन ऐप्स गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध हैं, जिससे आम लोग आसानी से इन्हें असली समझकर डाउनलोड कर लेते हैं। इन ऐप्स का इंटरफेस और डिजाइन वास्तविक ऐप्स जैसा होने के कारण धोखा खाने की संभावना और बढ़ जाती है।

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निजी और बैंकिंग जानकारी पर रहता है साइबर अपराधियों का निशाना

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे नकली ऐप्स इंस्टॉल करने के बाद वे मोबाइल से कई प्रकार की संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं। इनमें बैंक खाते की जानकारी, मोबाइल नंबर, आधार या पैन से जुड़ी जानकारी, संपर्क सूची, फोटो, लोकेशन और अन्य व्यक्तिगत डेटा शामिल हो सकता है। इस जानकारी का इस्तेमाल आर्थिक धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग या पहचान की चोरी जैसे अपराधों में किया जा सकता है।

I4C ने जारी की संदिग्ध ऐप्स की सूची

लोगों को सतर्क करने के लिए I4C ने कुछ ऐसे ऐप्स के नाम भी साझा किए हैं, जिन्हें संदिग्ध बताया गया है। इनमें FinApex- Credit Assistant, PrimeCash-Line of Credit, Sarkari Labh, PocketLoanCredit-Loan & Credit, FinDrip-Credit Assistant, Thunil Loan- Credit Line, Loan Signal, Credit Bridge, ApnaLoan और RishFin जैसे नाम शामिल हैं। ये ऐप्स पहली नजर में वैध और भरोसेमंद दिखाई दे सकते हैं, लेकिन इनके जरिए साइबर ठगी का खतरा बताया गया है।

यदि ऐप डाउनलोड किया है तो तुरंत करें यह काम

I4C ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके स्मार्टफोन में इनमें से कोई भी संदिग्ध ऐप मौजूद है, तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल कर दें। साथ ही मोबाइल में मौजूद महत्वपूर्ण जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करें और किसी भी अनजान ऐप को अनावश्यक अनुमति (Permissions) देने से बचें। यदि ऐप बैंकिंग या वित्तीय जानकारी मांगता है, तो उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि किए बिना कोई जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत करें शिकायत

यदि किसी व्यक्ति के साथ ऐसे किसी ऐप के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी होती है, तो उसे बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा, आधिकारिक साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर संबंधित एजेंसियों को जानकारी दी जा सकती है। समय रहते शिकायत करने से वित्तीय नुकसान को कम करने की संभावना बढ़ जाती है।

लगातार बढ़ रहे हैं साइबर अपराध के मामले

पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं, लोन ऑफर, केवाईसी अपडेट, बैंक अलर्ट और इनाम जीतने जैसे झांसे देकर ठगी कर रहे हैं। मोबाइल ऐप्स के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी भी अब तेजी से बढ़ रही है, इसलिए डिजिटल सतर्कता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

हालिया डेटा सुरक्षा मामलों ने बढ़ाई चिंता

हाल ही में बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़े एक डेटा सुरक्षा मामले ने भी लोगों की चिंता बढ़ाई थी। जानकारी के अनुसार, बैंक के एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट में अनधिकृत पहुंच का मामला सामने आया था। हालांकि, बैंक ने तत्काल सुरक्षा उपाय लागू किए और विशेषज्ञों तथा संबंधित एजेंसियों की मदद से स्थिति की जांच शुरू कर दी। इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया कि साइबर सुरक्षा केवल आम लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि बड़े संस्थानों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये सावधानियां

साइबर विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी लोन ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी डेवलपर जानकारी, यूजर रिव्यू, डाउनलोड संख्या और आधिकारिक वेबसाइट की जांच अवश्य करें। केवल विश्वसनीय और अधिकृत वित्तीय संस्थानों के ऐप्स का ही उपयोग करें। किसी भी ऐप को कैमरा, माइक्रोफोन, कॉन्टैक्ट्स या मैसेज जैसी अनावश्यक अनुमति न दें। यदि कोई ऐप अत्यधिक जानकारी मांगता है या बिना कारण कई परमिशन चाहता है, तो उसे तुरंत हटाना ही बेहतर विकल्प है। डिजिटल सतर्कता और सही जानकारी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

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Chandan Das

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