Surajpur Murder Case : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में युवक की कथित हत्या का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। पुलिस द्वारा हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए सभी 10 आरोपियों को अदालत से जमानत मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक के परिजन और ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि मामले की गंभीरता के अनुरूप कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण आरोपियों को आसानी से जमानत मिल गई। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की गई है और न्यायालय ने अपने विवेक से आरोपियों को राहत दी है।

पुरानी रंजिश बनी घटना की वजह
जानकारी के अनुसार, यह मामला प्रतापपुर थाना क्षेत्र के गोंदा गांव का है। मृतक हरिनंदन राजवाड़े अपने गांव में एक परिचित के घर बैठा हुआ था। इसी दौरान केवरा गांव के कुछ युवक वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से किसी बात को लेकर विवाद और पुरानी रंजिश चली आ रही थी। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने हरिनंदन के साथ मारपीट शुरू कर दी।

मारपीट के बाद जबरन साथ ले गए आरोपी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने हरिनंदन की बेरहमी से पिटाई करने के बाद उसे जबरन अपने साथ ले गए। आरोप है कि रास्ते में भी उसके साथ मारपीट जारी रही। बाद में गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे करीब छह किलोमीटर दूर सत्तीपारा चौक के पास फेंक दिया गया और सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
महिला की शिकायत से शुरू हुई पुलिस कार्रवाई
जिस घर में मारपीट की घटना हुई थी, वहां रहने वाली महिला ने तत्काल प्रतापपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने पुलिस को बताया कि कुछ लोग हरिनंदन के साथ मारपीट करते हुए उसे जबरन अपने साथ ले गए हैं। सूचना मिलने के बाद मृतक के परिजन भी उसकी तलाश में निकले। खोजबीन के दौरान उन्हें हरिनंदन गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क किनारे मिला।
इलाज के दौरान हुई युवक की मौत
परिजन और स्थानीय लोगों ने घायल हरिनंदन को तत्काल उपचार के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए इलाज शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान हरिनंदन की मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजनों में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है।
हत्या का मामला दर्ज कर 10 आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने महिला की शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में कुल 10 आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस ने सभी आरोपियों से पूछताछ करने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
अदालत से सभी आरोपियों को मिली जमानत
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार देवांगन ने बताया कि सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया था। मामले में देर रात तक सुनवाई चली, जिसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। पुलिस का कहना है कि उसने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की और आगे की जांच भी जारी रहेगी।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
आरोपियों की रिहाई के बाद स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने मामले में पर्याप्त और प्रभावी धाराएं नहीं लगाईं, जिसके कारण आरोपियों को आसानी से जमानत मिल गई। लोगों का कहना है कि यदि शुरुआत से ही मजबूत कानूनी कार्रवाई होती, तो आरोपियों को इतनी जल्दी राहत नहीं मिलती।
परिजन करेंगे उच्च अधिकारियों से शिकायत
मृतक के परिजनों ने कहा है कि वे इस पूरे मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से करेंगे। उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। वहीं पुलिस का कहना है कि यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब इस मामले पर सभी की नजर आगे होने वाली जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई है।











