MCB Lightning Strike: छत्तीसगढ़ के एमसीबी (मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच मंगलवार को आकाशीय बिजली गिरने से दर्दनाक हादसा हो गया। खड़गवां विकासखंड के अलग-अलग गांवों में हुई इस घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

शिवपुर और मंगोरा में गिरी आकाशीय बिजली
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां के बीएमओ डॉ. मनीष के अनुसार, ग्राम शिवपुर में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, ग्राम पंचायत मंगोरा में भी एक व्यक्ति बिजली की चपेट में आ गया, जिससे उसकी जान चली गई। दोनों घटनाएं तेज बारिश और गरज-चमक के दौरान हुईं, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई।

आठ लोग आए चपेट में, पांच का इलाज जारी
इस हादसे में कुल आठ लोग आकाशीय बिजली की चपेट में आए। इनमें तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार घायलों का उपचार जारी है और फिलहाल सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण उनकी जान बचाई जा सकी।
पुलिस ने पूरी की कानूनी कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही खड़गवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस पूरे मामले की औपचारिक जांच कर रही है और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इस हादसे के बाद मृतकों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। साथ ही लोगों से खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील भी की गई है।
प्रदेश में लगातार बढ़ रहे आकाशीय बिजली के हादसे
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। 25 जुलाई 2026 को कोरबा जिले के छूरी क्षेत्र में धान की रोपाई कर रहे तीन ग्रामीणों की बिजली गिरने से मौत हो गई थी। इसी दिन बैकुंठपुर में खेत में काम कर रही सात महिलाएं बिजली की चपेट में आने से झुलस गई थीं। वहीं 20 जुलाई को जशपुर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल देशदेखा में पिकनिक मनाने गए चार दोस्तों पर बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य घायल हो गए थे।
मौसम विभाग और प्रशासन की सावधानी की अपील
लगातार हो रही बारिश और गरज-चमक को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचें और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें। विशेष रूप से किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों को खेतों में काम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आकाशीय बिजली से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय
विशेषज्ञों के अनुसार, गरज-चमक शुरू होते ही खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों, मोबाइल टावरों और बिजली के खंभों से दूर चले जाना चाहिए। लोहे की वस्तुओं का उपयोग करने से बचें और यदि संभव हो तो किसी मजबूत पक्के भवन के भीतर शरण लें। बिजली कड़कने के दौरान तार वाले टेलीफोन का उपयोग न करें और चार्जिंग पर लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाए रखें। जलाशयों, नदियों, तालाबों और स्विमिंग पूल से तुरंत बाहर निकल जाएं क्योंकि पानी बिजली का अच्छा संवाहक होता है। पशुओं को भी खुले स्थानों में न बांधें।
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि आकाशीय बिजली प्राकृतिक आपदा है, लेकिन समय रहते सावधानी बरतकर अधिकांश हादसों से बचा जा सकता है। मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना, सुरक्षित स्थान पर रहना और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक जोखिम न उठाना ही सबसे प्रभावी उपाय है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या राहत एजेंसियों से संपर्क करें और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
Read More : Surajpur Murder Case : सूरजपुर हत्या मामले में दस आरोपी जमानत पर रिहा, पुलिस जांच सवालों में घिरी











