हार्डवेयर दुकान से शुरू हुई आग
तेलीबांधा थाना प्रभारी अजय झा के अनुसार प्रारंभिक जांच में आग की शुरुआत एक हार्डवेयर दुकान से होने की बात सामने आई है। हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस और फायर विभाग संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के कारणों की पुष्टि की जा सकेगी।
कुछ ही मिनटों में कई प्रतिष्ठान चपेट में आए
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग ने बेहद तेजी से आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपनी चपेट में ले लिया। ऑक्टोपस बार के अलावा कम से कम चार दुकानों में आग फैल गई, जिससे वहां रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य सामग्री जलकर राख हो गई। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास खड़े कई वाहन भी इसकी चपेट में आ गए और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
बारिश भी नहीं रोक सकी आग का कहर
घटना के समय रायपुर में लगातार बारिश हो रही थी, लेकिन इसके बावजूद आग पर तत्काल काबू नहीं पाया जा सका। आग की भीषणता को देखते हुए फायर ब्रिगेड की 13 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दमकल कर्मियों ने कई घंटों तक लगातार पानी की बौछार कर आग बुझाने का प्रयास किया। इसके बावजूद सुबह करीब साढ़े पांच बजे तक घटनास्थल से धुआं उठता रहा और कूलिंग ऑपरेशन जारी रखना पड़ा।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे दुकानदार
आग से प्रभावित भोजनालय संचालक बॉबी तोलानी ने बताया कि उन्हें देर रात करीब 1 बजे फोन के जरिए आग लगने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही वे तत्काल मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग पूरी इमारत में फैल चुकी थी। उन्होंने कहा कि हालात इतने गंभीर थे कि दुकान से कोई सामान निकालने का अवसर तक नहीं मिला और देखते ही देखते पूरा प्रतिष्ठान जलकर खाक हो गया।
होटल तक पहुंचीं आग की लपटें
भीषण आग का असर पास स्थित होटल पर भी पड़ा। आग की लपटें होटल तक पहुंचने के बाद वहां ठहरे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि सभी लोग समय रहते होटल से बाहर निकलने में सफल रहे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि होटल की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को अपना सामान तक निकालने का मौका नहीं मिला।
भारी आर्थिक नुकसान का अनुमान
प्रशासन के अनुसार इस अग्निकांड में ऑक्टोपस बार सहित कई दुकानों और वाहनों को भारी नुकसान हुआ है। नुकसान का वास्तविक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन प्रारंभिक आकलन में लाखों रुपये की संपत्ति जलने की आशंका जताई जा रही है। संबंधित विभाग प्रभावित प्रतिष्ठानों और वाहनों का सर्वे कर नुकसान का विस्तृत आकलन तैयार कर रहे हैं।
जांच जारी, कूलिंग ऑपरेशन भी चलता रहा
घटना के बाद पुलिस और फायर विभाग ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। अधिकारी आग लगने के संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं और घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। वहीं दमकल विभाग ने आसपास की इमारतों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी रात अभियान चलाया। फिलहाल आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, लेकिन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए मौके पर दमकलकर्मियों की टीम तैनात है और कूलिंग का कार्य लगातार जारी है।