Anti Paper Leak Bill: लोकसभा में प्रश्नपत्र लीक रोकने के उद्देश्य से लाए गए लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा दूसरे दिन भी जारी रहेगी। मंगलवार को इस विधेयक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सांसदों ने अपने विचार रखे, जबकि बुधवार को चर्चा का केंद्र कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का संबोधन रहने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी दोपहर 12 बजे सदन में इस महत्वपूर्ण विधेयक पर अपनी बात रख सकते हैं। छात्रों और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर उनके रुख को देखते हुए उनके भाषण पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

राहुल गांधी के भाषण पर सबकी निगाहें
राहुल गांधी पिछले कुछ समय से छात्रों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर लगातार सरकार को घेरते रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि वे पेपर लीक की घटनाओं, परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे। विपक्ष को उम्मीद है कि उनका संबोधन इस बहस को नई दिशा देगा, जबकि सत्ता पक्ष भी उनके आरोपों का जवाब देने की तैयारी में है।

मंगलवार को सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस
विधेयक पर हुई प्रारंभिक चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज और अनुराग सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा। वहीं विपक्ष की ओर से प्रियंका गांधी, गौरव गोगोई, अखिलेश यादव समेत कई सांसदों ने सरकार पर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रहने का आरोप लगाया। सरकार ने जवाब देते हुए कहा कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं पूर्ववर्ती सरकारों के समय भी होती रही हैं और मौजूदा सरकार इन्हें रोकने के लिए कड़े कानून बना रही है।
अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने बहस के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि सरकार महत्वपूर्ण संस्थानों में अनियमितताओं को रोकने में सफल नहीं हो पाई तो पेपर लीक जैसी घटनाओं पर नियंत्रण कैसे करेगी। उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि जब जनता संगठित होकर आवाज उठाती है तो सरकार को झुकना पड़ता है। उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का भी जिक्र करते हुए सरकार पर राजनीतिक टिप्पणी की।
प्रियंका गांधी ने उठाए छात्रों की सुरक्षा के सवाल
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने संबोधन में सरकार से जवाबदेही की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार युवाओं का विश्वास दोबारा जीतना चाहती है तो केवल छवि सुधारने से काम नहीं चलेगा, बल्कि संवेदनशीलता भी दिखानी होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से यह स्पष्ट करने की मांग की कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग और सुरक्षा उपायों से जुड़े निर्णय किस स्तर पर लिए गए। प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
बहस के दौरान विपक्षी सांसदों ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि युवाओं की मांगों का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए। विपक्ष ने सरकार से परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग दोहराई।
बांसुरी स्वराज ने सरकार का पक्ष रखा
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि प्रश्नपत्र लीक की समस्या नई नहीं है और इसे केवल वर्तमान सरकार से जोड़ना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस संशोधन विधेयक को लाना केंद्र सरकार की गंभीरता और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी का असर केवल अभ्यर्थियों पर नहीं बल्कि उनके परिवारों पर भी पड़ता है, इसलिए सरकार इस समस्या के समाधान के लिए सख्त कानूनी व्यवस्था लागू करना चाहती है।
आज की बहस पर टिकी राजनीतिक नजरें
लोकसभा में बुधवार को होने वाली चर्चा राजनीतिक रूप से भी काफी अहम मानी जा रही है। राहुल गांधी के संभावित भाषण और सरकार की प्रतिक्रिया के बाद इस विधेयक पर बहस और तेज होने की संभावना है। माना जा रहा है कि संसद में होने वाली यह चर्चा केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि युवाओं के भविष्य, परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे व्यापक मुद्दों पर भी केंद्रित रहेगी।
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