Low Hemoglobin Diet : हीमोग्लोबिन हमारे रक्त का एक बेहद महत्वपूर्ण प्रोटीन है, जिसका मुख्य कार्य शरीर के हर अंग तक ऑक्सीजन पहुंचाना होता है। जब हम सांस लेते हैं तो फेफड़े हवा से ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं, लेकिन इस ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न अंगों और ऊतकों तक पहुंचाने का काम हीमोग्लोबिन करता है। यदि शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाए तो पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होने लगती हैं।

लो हीमोग्लोबिन होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण
गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. शुभम वात्स्य ने अपने यूट्यूब चैनल पर साझा किए गए एक वीडियो में बताया कि हीमोग्लोबिन का स्तर कम होने पर व्यक्ति को लगातार थकान महसूस हो सकती है। इसके अलावा कमजोरी, चक्कर आना, थोड़ी मेहनत में सांस फूलना, त्वचा का पीला पड़ना और एनीमिया जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। यदि समय रहते इस स्थिति पर ध्यान न दिया जाए तो यह शरीर की कार्यक्षमता को भी प्रभावित कर सकती है। इसलिए संतुलित आहार और सही पोषण लेना बेहद जरूरी है।

दाल, राजमा और बीन्स बन सकते हैं प्राकृतिक ब्लड बिल्डर
यदि आप शाकाहारी हैं तो दाल, चना, राजमा, लोबिया और विभिन्न प्रकार की बीन्स को अपने भोजन में जरूर शामिल करें। ये सभी खाद्य पदार्थ आयरन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। इनके अलावा इनमें प्रोटीन, फोलेट, फाइबर और कई जरूरी मिनरल्स भी मौजूद होते हैं, जो नई लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करते हैं। हालांकि इन दालों में फाइटेट्स नामक तत्व भी पाया जाता है, जो आयरन के अवशोषण को कम कर सकता है। इसलिए इन्हें पकाने से पहले कुछ घंटों तक भिगोकर रखना अधिक लाभदायक माना जाता है।
बीटरूट से मिल सकता है हीमोग्लोबिन बढ़ाने में फायदा
चुकंदर यानी बीटरूट को हीमोग्लोबिन बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों में प्रमुख स्थान दिया जाता है। इसमें मौजूद फोलेट शरीर में रेड ब्लड सेल्स के निर्माण को बढ़ावा देता है। इसके साथ ही इसमें पाए जाने वाले नाइट्रेट्स शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के स्तर को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, जिससे रक्त संचार भी सुधरता है। आप बीटरूट को सलाद, जूस या सब्जी के रूप में अपनी नियमित डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।
विटामिन-सी आयरन के अवशोषण को बनाता है बेहतर
सिर्फ आयरन युक्त भोजन खाना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि शरीर को उस आयरन को सही तरीके से अवशोषित भी करना चाहिए। इसमें विटामिन-सी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह आयरन को ऐसे रूप में बदल देता है जिसे आंतें आसानी से अवशोषित कर लेती हैं। इसलिए यदि आपके शरीर में हीमोग्लोबिन कम है तो आयरन युक्त भोजन के साथ आंवला, अमरूद, संतरा, नींबू, टमाटर और कीवी जैसे विटामिन-सी से भरपूर फलों का सेवन भी जरूर करें।
नट्स, सीड्स और ड्राई फ्रूट्स भी हैं पोषण का खजाना
पम्पकिन सीड्स, तिल, सनफ्लावर सीड्स, बादाम, अखरोट और खजूर जैसे नट्स, बीज और ड्राई फ्रूट्स पोषण से भरपूर होते हैं। इनमें आयरन के अलावा मैग्नीशियम, कैल्शियम, कॉपर और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं। ये सभी पोषक तत्व शरीर में रक्त निर्माण की प्रक्रिया को सहयोग देते हैं और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में रोजाना स्नैक के रूप में या सलाद और दलिया में मिलाकर खाया जा सकता है।
संतुलित आहार और सही आदतों से बढ़ सकता है हीमोग्लोबिन
विशेषज्ञों के अनुसार यदि हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से कम है तो केवल सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित और पोषक आहार को प्राथमिकता देनी चाहिए। आयरन, फोलेट, प्रोटीन और विटामिन-सी से भरपूर खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा देता है। साथ ही यदि कमजोरी, चक्कर या सांस फूलने जैसी समस्याएं लगातार बनी रहें तो डॉक्टर से जांच कराना भी जरूरी है, ताकि सही कारण का पता लगाकर उचित उपचार किया जा सके।
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