Guru Purnima 2026: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समाज में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाली महिलाओं का सम्मान किया। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि गुरु समाज को सही दिशा देने वाले प्रेरणास्रोत होते हैं और उनके योगदान का सम्मान करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की अलख जगाने वाले शिक्षकों को सम्मानित करना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है।

गुरु समाज और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव हैं
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि गुरु का स्थान समाज में सर्वोच्च माना गया है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाता ही नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य का भी निर्माण करता है। गुरु के मार्गदर्शन से ही एक जागरूक नागरिक और सशक्त समाज का निर्माण संभव होता है। इसलिए गुरु पूर्णिमा जैसे पावन अवसर पर शिक्षकों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को भी सराहा
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ये कार्यकर्ता बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के साथ-साथ पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं भी उपलब्ध कराती हैं। उन्होंने कहा कि समाज के भविष्य को मजबूत बनाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का योगदान किसी भी शिक्षक से कम नहीं है।
महतारी वंदन योजना से बच्चों की पढ़ाई को मिल रहा सहयोग
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने उन महिलाओं की भी सराहना की, जो महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग अपने बच्चों की शिक्षा पर कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी माताएं अपने परिवार के साथ-साथ समाज के भविष्य को भी मजबूत बना रही हैं। बच्चों की पढ़ाई पर खर्च किया गया हर प्रयास आने वाले समय में बेहतर समाज के निर्माण में योगदान देता है। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं का सम्मान करना भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि वे शिक्षा को प्राथमिकता देकर प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं।
माता-पिता के बाद शिक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं शिक्षक और आंगनबाड़ी
लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि किसी भी बच्चे के जीवन में माता-पिता के बाद सबसे महत्वपूर्ण भूमिका शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निभाते हैं। ये दोनों मिलकर बच्चों के व्यक्तित्व, ज्ञान और संस्कार की मजबूत नींव रखते हैं। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को प्रारंभ से ही सही मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले तो वे भविष्य में देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। इसी सोच के साथ सरकार शिक्षा और बाल विकास से जुड़े कर्मचारियों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है।
मुनगा के पौधे बांटकर कुपोषण के खिलाफ लिया संकल्प
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों, महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के साथ मिलकर मुनगा (सहजन) के पौधों का वितरण किया। इस दौरान सभी ने जिले में कुपोषण को कम करने और लोगों को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करने का संकल्प भी लिया। मुनगा को पोषक तत्वों से भरपूर पौधा माना जाता है और इसके सेवन से स्वास्थ्य संबंधी कई लाभ मिलते हैं। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को पौधारोपण और पोषण दोनों के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।
शिक्षा और पोषण को साथ लेकर आगे बढ़ने का संदेश
कार्यक्रम के अंत में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि एक विकसित और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए शिक्षा और पोषण दोनों समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और माताओं से अपील की कि वे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करें। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से न केवल शिक्षा का स्तर बेहतर होगा, बल्कि कुपोषण जैसी चुनौतियों पर भी प्रभावी रूप से नियंत्रण पाया जा सकेगा।











