Trump Popularity Report: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी विदेश नीति या अंतरराष्ट्रीय पहल नहीं, बल्कि उनकी घरेलू लोकप्रियता से जुड़ा नया सर्वे है। हाल ही में जारी एक जनमत सर्वेक्षण में दावा किया गया है कि दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इन आंकड़ों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा है कि जनता का सबसे बड़ा समर्थन राष्ट्रपति चुनाव के दौरान मिल चुका था।

इकोनॉमिस्ट–यूगव सर्वे में सामने आए आंकड़े
इकोनॉमिस्ट और यूगव (YouGov) द्वारा 28 जुलाई 2026 को जारी सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के केवल 34 प्रतिशत लोगों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कामकाज को सकारात्मक बताया। वहीं, 62 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने उनके प्रदर्शन पर असंतोष व्यक्त किया। रिपोर्ट के मुताबिक, यह आंकड़ा ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान दर्ज सबसे कम अप्रूवल रेटिंग माना जा रहा है। हालांकि, पिछले सप्ताह की तुलना में यह आंकड़ा लगभग दो प्रतिशत अंक बेहतर भी बताया गया है।

देश की दिशा को लेकर भी जनता में चिंता
सर्वे में शामिल लोगों से जब अमेरिका की मौजूदा स्थिति पर राय पूछी गई, तो 63 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि देश सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है। यह संकेत देता है कि बड़ी संख्या में नागरिक मौजूदा परिस्थितियों को लेकर चिंतित हैं। हालांकि, इस असंतोष का सीधा राजनीतिक लाभ विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को मिलता हुआ फिलहाल दिखाई नहीं दे रहा है।
डेमोक्रेट्स को सीमित बढ़त मिलने का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, यदि कांग्रेस चुनाव के लिए सामान्य राजनीतिक समर्थन की बात करें, तो डेमोक्रेटिक पार्टी रिपब्लिकन पार्टी से केवल चार प्रतिशत अंक आगे दिखाई दे रही है। इससे संकेत मिलता है कि राष्ट्रपति की लोकप्रियता में कमी के बावजूद विपक्ष को व्यापक राजनीतिक बढ़त नहीं मिल पाई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में दोनों दलों के लिए जनसमर्थन जुटाना महत्वपूर्ण चुनौती बना रहेगा।
सर्वे कैसे और कब किया गया?
इकोनॉमिस्ट–यूगव के अनुसार, यह सर्वेक्षण 25 जुलाई से 27 जुलाई 2026 के बीच किया गया। इसमें अमेरिका के 1,559 वयस्क नागरिकों की राय शामिल की गई। सर्वे एजेंसी ने यह भी बताया कि परिणामों में लगभग 3.3 प्रतिशत अंक तक का त्रुटि अंतर (मार्जिन ऑफ एरर) संभव है। एजेंसी के मुताबिक, दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप की ट्रैकिंग में यह उनकी सबसे कम अप्रूवल रेटिंग दर्ज की गई है।
व्हाइट हाउस ने सर्वे के निष्कर्षों को नकारा
सर्वे सामने आने के बाद व्हाइट हाउस ने इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, व्हाइट हाउस के प्रवक्ता डेविस इंगल ने एक बयान में कहा कि किसी भी सर्वे से अधिक महत्वपूर्ण जनता का वह फैसला है, जो राष्ट्रपति चुनाव के दौरान सामने आया था। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में अमेरिकी मतदाताओं ने चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप पर भरोसा जताया था और वही उनकी वास्तविक जनस्वीकृति का सबसे बड़ा प्रमाण है।
ट्रंप सरकार ने अपने कामकाज का किया बचाव
व्हाइट हाउस की ओर से जारी प्रतिक्रिया में यह भी कहा गया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। प्रशासन का दावा है कि सरकार की नीतियों का असर आने वाले समय में और स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। प्रवक्ता के अनुसार, राष्ट्रपति का एजेंडा पूरी तरह लागू होने के बाद उसके परिणाम जनता के सामने आएंगे और सरकार अपने कार्यों को लेकर आश्वस्त है।
राजनीतिक बहस के बीच सर्वे बना चर्चा का विषय
इस सर्वे के सामने आने के बाद अमेरिका में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक ओर सर्वे के आंकड़ों को लेकर ट्रंप प्रशासन सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इन परिणामों को सरकार के प्रति जनता की नाराजगी का संकेत बता रहा है। हालांकि, किसी भी सर्वे को अंतिम जनमत नहीं माना जाता और आने वाले समय में अन्य सर्वेक्षण तथा राजनीतिक घटनाक्रम जनता की राय में बदलाव ला सकते हैं। फिलहाल यह सर्वे अमेरिकी राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
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