Nepal Violence : नेपाल के भारत से सटे सुनसरी जिले में सांप्रदायिक हिंसा की घटना के बाद हालात संवेदनशील बने हुए हैं। दो समुदायों के बीच हुई झड़प के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सुरक्षाकर्मियों समेत एक दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। बढ़ते तनाव को देखते हुए नेपाल सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है। इस घटना का असर भारत-नेपाल सीमा तक भी देखा जा रहा है, जहां सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

धनुषा और सिरहा जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू
हिंसा के बाद मधेस प्रदेश के धनुषा और सिरहा जिलों में प्रशासन ने अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है। धनुषा जिले के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी भूदेव झा ने बताया कि जनकपुर, लक्ष्मिनिया हाटबाजार, बेलौनी रोड, नगराइन नगरपालिका और दूधमती पुल सहित कई संवेदनशील इलाकों में दोपहर 3:30 बजे से कर्फ्यू प्रभावी कर दिया गया है। वहीं सिरहा जिले के गोलबाजार क्षेत्र में भी दोपहर 2 बजे से लोगों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से घरों में रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

सुनसरी जिले में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त
सुनसरी जिले में पहले से लागू कर्फ्यू की अवधि को प्रशासन ने आगे बढ़ा दिया है। सोमवार से लागू प्रतिबंधों को देखते हुए अब पूर्व-पश्चिम राजमार्ग सहित लगभग दस संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार गश्त कर रही हैं ताकि किसी भी तरह की हिंसा या अफवाहों को रोका जा सके। सहायक प्रमुख जिला अधिकारी पोषण लामिछाने ने बताया कि हालात धीरे-धीरे सामान्य होने की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन पूरी तरह शांति स्थापित होने तक सतर्कता बरती जाएगी।
सभा, जुलूस और सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक
प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सार्वजनिक गतिविधियों पर भी सख्त प्रतिबंध लगाए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के जुलूस, प्रदर्शन, सभा या भीड़ एकत्र करने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का मानना है कि ऐसी गतिविधियां तनाव को और बढ़ा सकती हैं। इसलिए नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पर भी नजर बनाए हुए हैं ताकि भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोका जा सके।
नेपाल की संसद में भी गूंजा हिंसा का मुद्दा
सुनसरी हिंसा का मामला नेपाल की संसद तक पहुंच गया है। नेपाली कांग्रेस की सांसद बासना थापा और श्रम संस्कृति पार्टी के सांसद ओरेन राय सहित कई जनप्रतिनिधियों ने संसद में इस घटना पर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से हिंसा के कारणों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। सांसदों ने प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाल करने के लिए प्रभावी कदम उठाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। राजनीतिक स्तर पर भी इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने बुलाई सुरक्षा परिषद की बैठक
बिगड़ते हालात को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई। बैठक में देश की आंतरिक सुरक्षा, सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थिति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की गई। सरकार ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी नई घटना पर तुरंत कार्रवाई की जाए। साथ ही स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
भारत-नेपाल सीमा पर भी बढ़ाई गई चौकसी
सुनसरी जिला भारत के बिहार राज्य से सटा हुआ है और यह दोनों देशों के बीच व्यापार तथा आवागमन का एक महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। ऐसे में हिंसा के बाद सीमा क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती इलाकों पर विशेष नजर रख रही हैं ताकि किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि या सीमा पार तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
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