PM Modi Remark Case: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 जुलाई को आयोजित नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोप में एक युवती के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। नोएडा पुलिस ने इस मामले में 25 वर्षीय रुचिका सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, रुचिका सिंह मूल रूप से हरियाणा के फरीदाबाद की रहने वाली हैं और वर्तमान में नोएडा में रहती थीं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल वह अपने निवास पर नहीं मिली हैं और उनकी तलाश की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता की शिकायत पर हुई कार्रवाई
यह मामला सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता स्मृति सिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर सामने आया। शिकायतकर्ता, जो गाजियाबाद के वसुंधरा क्षेत्र की निवासी हैं, ने 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जंतर-मंतर पर आयोजित सभा के दौरान आरोपी महिला ने प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का प्रयोग किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि कथित टिप्पणी से सार्वजनिक शांति प्रभावित हो सकती थी और समाज में वैमनस्य फैलने की आशंका थी।

भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने प्राप्त शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि कथित घटना का स्थान नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना क्षेत्र में आता है। इसलिए नोएडा पुलिस ने नियमानुसार जीरो एफआईआर दर्ज कर प्रारंभिक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और आगे की जांच एवं कार्रवाई के लिए पूरा मामला दिल्ली पुलिस को स्थानांतरित कर दिया।
जीरो एफआईआर क्या होती है?
जीरो एफआईआर ऐसी प्राथमिकी होती है जिसे किसी भी पुलिस थाने में दर्ज किया जा सकता है, भले ही घटना उस थाने के अधिकार क्षेत्र में न हुई हो। इसका उद्देश्य शिकायत दर्ज कराने में देरी से बचना और मामले को शीघ्र संबंधित थाने तक पहुंचाना होता है। इस मामले में भी प्रारंभिक शिकायत नोएडा में दर्ज की गई, जबकि जांच का अधिकार क्षेत्र दिल्ली पुलिस के पास है।
सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर जांच आगे बढ़ी
नीट-यूजी परीक्षा को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन के कई वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए गए थे। इन्हीं वीडियो क्लिप्स के आधार पर कथित घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने शिकायत मिलने पर जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, अब जांच में वायरल वीडियो, डिजिटल साक्ष्य, कार्यक्रम के दौरान रिकॉर्ड किए गए फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान शामिल किए जाएंगे, ताकि पूरे घटनाक्रम की वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सके।
दिल्ली पुलिस करेगी विस्तृत जांच
चूंकि मामला अब दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया है, इसलिए आगे की जांच वही करेगी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास करेंगी कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही सामग्री, संबंधित बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्य कानूनी दृष्टि से क्या निष्कर्ष प्रस्तुत करते हैं। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और उपलब्ध प्रमाणों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत दर्ज होने के बाद से आरोपी महिला अपने वर्तमान पते पर उपलब्ध नहीं मिली हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उनका परिवार भी फिलहाल उस पते पर मौजूद नहीं है। पुलिस का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत उनकी तलाश जारी है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
इस पूरे मामले में फिलहाल पुलिस जांच जारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी पक्षों, उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। किसी भी आरोपी को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता जब तक सक्षम न्यायालय में आरोप सिद्ध न हो जाएं। इसलिए इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
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