PM Modi Instagram Video: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नया वीडियो साझा करते हुए जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन और उससे जुड़े घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। वीडियो में उन्होंने युवाओं को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि उनका मन आज विशेष रूप से देश के छात्रों और युवाओं से संवाद करने का है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ, उसे पूरे देश और दुनिया ने देखा। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों द्वारा आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिसे उन्होंने किसी भी सभ्य समाज के अनुरूप नहीं बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें व्यक्तिगत रूप से अपशब्द कहे गए और उनकी दिवंगत माता के लिए भी अभद्र टिप्पणियां की गईं।

बचपन में गलतियां होना स्वाभाविक बताया
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन के शुरुआती दौर में युवाओं और बच्चों से गलतियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि बचपन और युवावस्था सीखने का समय होता है, इसलिए भूल होने पर सुधार का अवसर भी मिलना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि समाज में मौजूद आक्रोश और भावनाओं को वह समझते हैं, लेकिन उनका मानना है कि गलती करने वाले युवाओं को केवल दंडित करने के बजाय उन्हें सही दिशा दिखाने की जरूरत है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को समाज के लिए एक गंभीर चिंतन का विषय भी बताया।

भाषा के स्तर पर जताई चिंता
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान जिस तरह की भाषा का उपयोग किया गया, वह सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से चिंता का विषय है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर दुख व्यक्त किया कि कुछ छात्राओं द्वारा भी ऐसी अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। उनके अनुसार, यह केवल राजनीतिक असहमति का विषय नहीं है, बल्कि सामाजिक संस्कारों और संवाद की मर्यादा से भी जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि असहमति लोकतंत्र का हिस्सा हो सकती है, लेकिन भाषा की गरिमा बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।
दंड नहीं, सुधार को बताया बेहतर रास्ता
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि ऐसे युवाओं को अदालतों के चक्कर लगवाना, कठोर दंड देना या सामाजिक रूप से अलग-थलग करना किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि युवा किसी कारणवश गुमराह हो गए हैं, तो उन्हें सही दिशा दिखाना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह ऐसे युवाओं को माफ करना चाहते हैं और समाज से भी आग्रह किया कि वह इस भावना को स्वीकार करे।
दांत और जीभ का उदाहरण देकर समझाया संदेश
अपने विचारों को सरल भाषा में समझाने के लिए प्रधानमंत्री ने एक उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि कभी-कभी गलती से दांतों के नीचे जीभ आ जाती है और उससे खून भी निकल आता है, लेकिन कोई व्यक्ति अपने दांत नहीं तोड़ता क्योंकि दांत और जीभ दोनों उसके अपने होते हैं। इसी प्रकार देश के युवा भी समाज का ही हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि गलती होने पर उन्हें छोड़ने या उनसे दूरी बनाने के बजाय उन्हें सुधारने और आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
देश निर्माण में भागीदारी की अपील
वीडियो के अंत में प्रधानमंत्री ने युवाओं से सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और युवाओं की भागीदारी इस प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपनी गलतियों से सीखें, नए अनुभव हासिल करें और अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करना है और सभी मिलकर भारत को आगे बढ़ा सकते हैं।
जंतर-मंतर प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए गए थे। बाद में इन वीडियो के आधार पर कुछ लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री ने अपने हालिया वीडियो में ऐसे युवाओं के प्रति क्षमा और सुधार की भावना व्यक्त की।
इंस्टाग्राम पर वीडियो को मिली तेज प्रतिक्रिया
हाल के दिनों में प्रधानमंत्री मोदी सोशल मीडिया, विशेष रूप से इंस्टाग्राम पर लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में उन्होंने कई वीडियो साझा किए हैं, जिन्हें बड़ी संख्या में लोगों ने देखा और पसंद किया। उनके ताजा वीडियो को भी पोस्ट होने के कुछ ही समय में लाखों लोगों की प्रतिक्रिया मिली। इससे स्पष्ट है कि सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री सीधे युवाओं और आम नागरिकों तक अपने विचार पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि जंतर-मंतर प्रदर्शन और उससे जुड़े मुद्दे पर उनकी यह प्रतिक्रिया व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई है।
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