Kerala Landslide: केरल में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। राज्य के मध्य और पहाड़ी इलाकों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की कई घटनाएं सामने आई हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जबकि कई सड़कें और रिहायशी इलाके पानी में डूब गए हैं। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने भी कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

इडुक्की में भूस्खलन से महिला की मौत, परिवार के सदस्य घायल
सबसे अधिक प्रभावित जिलों में इडुक्की शामिल है, जहां शनिवार तड़के हुए भूस्खलन में एक महिला की मौत हो गई। जिला प्रशासन के अनुसार, मृतका की पहचान अडूरमाला क्षेत्र निवासी सुमति के रूप में हुई है। भारी बारिश के बाद पहाड़ी से खिसका मलबा सीधे उनके घर पर गिरा, जिससे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में सुमति की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनके पति रवि और बेटे को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दोनों घायल होने के कारण उन्हें उपचार के लिए थोडुपुझा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी
घटना की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), अग्निशमन एवं बचाव सेवा, पुलिस तथा राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। बचाव दल ने मलबे में खोज अभियान चलाकर महिला का शव बरामद किया। इसी बीच इडुक्की के वागामोन क्षेत्र में भी भूस्खलन की चपेट में एक व्यक्ति के फंसे होने की सूचना मिली। उसे सुरक्षित निकालने के लिए राहत अभियान लगातार जारी है। प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
सड़कें बंद, नदी उफान पर और बांधों के गेट खोले गए
लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण कई प्रमुख मार्गों पर मलबा जमा हो गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कट्टप्पना-वाझवारा मार्ग को सुरक्षा कारणों से बंद करना पड़ा। पुल्लाकयार नदी के उफान पर आने से कोक्कायार का निचला पुल जलमग्न हो गया और आसपास के कई घरों में पानी भर गया। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वंदीपेरियार क्षेत्र में छोट्टुपारा नाले का जलस्तर बढ़ने से राष्ट्रीय राजमार्ग-183 पर भी जलभराव हो गया। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने छोटे बांधों के गेट खोलने का निर्णय लिया ताकि अतिरिक्त पानी को नियंत्रित किया जा सके।
कोट्टायम जिले में भी बाढ़ और भूस्खलन का असर
पड़ोसी कोट्टायम जिले में भी भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इरट्टुपेट्टा, कंजीरापल्ली, कूट्टिकल और एरुमेली सहित कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई रिहायशी कॉलोनियां पानी में डूब गई हैं, जबकि सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज कर दिए हैं। पूंजार के पय्यानिथोट्टम इलाके में हुए भूस्खलन में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान जोसेफ के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, उसे मलबे से बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन अस्पताल ले जाते समय उसकी मृत्यु हो गई। उसकी मां की तलाश अब भी जारी है।
वागामोन में एक और मौत, कई इलाकों में बचाव जारी
इडुक्की जिले के वागामोन क्षेत्र से भी एक अन्य दुखद घटना सामने आई है। यहां भूस्खलन की चपेट में आने से प्रभाकरण नायर नामक व्यक्ति की मौत हो गई। वे वैकोम के निवासी बताए गए हैं। वहीं इरट्टुपेट्टा शहर में रातभर हुई बारिश के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ गया। नडक्कल और मुरिक्कोली सहित कई इलाकों के घरों में पानी भर गया। बचाव दल और स्थानीय लोगों ने ऊपरी मंजिलों में फंसे परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला। पथनमथिट्टा जिले के कई पहाड़ी क्षेत्रों से भी भूस्खलन की खबरें सामने आई हैं, जिससे प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
कई जिलों में रेड अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील
भारत मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि केरल के कई हिस्सों में अगले कुछ समय तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश जारी रह सकती है। विभाग ने पथनमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं एर्नाकुलम, त्रिशूर और पलक्कड़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। प्रशासन ने सभी बचाव एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा है और लोगों से नदी किनारे तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। भारी बारिश को देखते हुए कई जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूलों में अवकाश भी घोषित किया गया है।
Read more : Uddhav Thackeray : ‘बेटे की शादी कब कर रही हैं?’ उद्धव ठाकरे का सवाल, अभिजीत दिपके की मां मुस्कुराईं











