Sunny Deol Emotional: अभिनेता सनी देओल ने अपनी आगामी फिल्म ‘बटवारा 1947’ के प्रमोशन की शुरुआत राजस्थान की राजधानी जयपुर से की है। यह फिल्म निर्देशक राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी है, जिन्होंने सनी देओल के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल ‘घायल’ का भी निर्देशन किया था। फिल्म के प्रमोशन के दौरान सनी देओल ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने पिता और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र से जुड़ी एक पुरानी याद ताजा की। उन्होंने बताया कि जयपुर से उनका एक गहरा भावनात्मक रिश्ता है, क्योंकि इसी शहर में उनकी जिंदगी और करियर से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया था।

‘घायल’ की कहानी पर धर्मेंद्र ने जताया था भरोसा
सनी देओल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में निर्देशक राजकुमार संतोषी का एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि कई वर्ष पहले जब राजकुमार संतोषी ने उन्हें ‘घायल’ की कहानी सुनाई, तो उन्हें इस स्क्रिप्ट पर पूरा भरोसा था। दोनों ने कई निर्माताओं से संपर्क किया, लेकिन किसी ने भी फिल्म में निवेश करने की इच्छा नहीं दिखाई। ऐसे में सनी देओल ने यह कहानी अपने पिता धर्मेंद्र को सुनाने का निर्णय लिया। उस समय धर्मेंद्र जयपुर में अपनी फिल्म ‘बटवारा’ की शूटिंग कर रहे थे और रामबाग पैलेस में ठहरे हुए थे। वहीं राजकुमार संतोषी ने उन्हें पूरी कहानी सुनाई और कहानी खत्म होते ही धर्मेंद्र ने फिल्म के निर्माण के लिए अपनी सहमति दे दी।

बेटे के फैसले पर धर्मेंद्र को था गर्व
सनी देओल ने बताया कि उनके लिए सबसे यादगार बात यह नहीं थी कि फिल्म बन गई, बल्कि यह थी कि उनके पिता को इस बात पर गर्व था कि उन्होंने एक मजबूत कहानी को पहचाना और उसका समर्थन किया। सनी के अनुसार, धर्मेंद्र का वही विश्वास आगे चलकर ‘घायल’ जैसी सुपरहिट फिल्म में बदल गया। उन्होंने लिखा कि उस पल ने उनके आत्मविश्वास को नई दिशा दी और उनके करियर की मजबूत नींव रखी। आज भी वह उस फैसले को अपने जीवन के सबसे अहम क्षणों में गिनते हैं।
जयपुर लौटकर पूरा हुआ एक भावनात्मक सफर
सनी देओल ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वर्षों बाद वह एक बार फिर जयपुर लौटे हैं, लेकिन इस बार अपनी नई फिल्म ‘बटवारा 1947’ के प्रमोशन के लिए। उन्होंने इसे एक खूबसूरत संयोग बताया कि जिस शहर में उनके पिता ने ‘बटवारा’ (1989) की शूटिंग की थी, उसी शहर से उनकी नई फिल्म का प्रचार शुरू हो रहा है। उनके अनुसार, यह केवल फिल्म का प्रमोशन नहीं बल्कि यादों से जुड़ा एक ऐसा सफर है, जिसने उनके जीवन का एक भावनात्मक चक्र पूरा कर दिया है।
पहली बार साथ नजर आएंगे सनी और करण देओल
‘बटवारा 1947’ की एक खास बात यह भी है कि इस फिल्म में सनी देओल पहली बार अपने बेटे करण देओल के साथ बड़े पर्दे पर दिखाई देंगे। फिल्म में करण, सनी देओल के बेटे की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा फिल्म में अली फजल, अभिमन्यु सिंह, खुशी हजारे और कनिका कपूर भी महत्वपूर्ण किरदार निभाते नजर आएंगे। इस पारिवारिक सहयोग को लेकर दर्शकों में भी काफी उत्सुकता देखने को मिल रही है।

प्रीति जिंटा की लंबे समय बाद वापसी
इस फिल्म के जरिए अभिनेत्री प्रीति जिंटा भी लंबे अंतराल के बाद अभिनय की दुनिया में वापसी कर रही हैं। बताया जा रहा है कि वह करीब पांच वर्षों से अधिक समय बाद किसी फिल्म में नजर आएंगी। फिल्म का निर्माण आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले किया गया है, जिससे इसे लेकर दर्शकों की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। स्टारकास्ट और विषय को देखते हुए फिल्म पहले से ही चर्चा में बनी हुई है।
विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है फिल्म की कहानी
‘बटवारा 1947’ की कहानी भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म में सनी देओल एक ऐसे मुस्लिम व्यक्ति का किरदार निभा रहे हैं, जो विभाजन के दौरान पाकिस्तान चला जाता है। बाद में उसे पता चलता है कि उसके घर में एक हिंदू महिला अब भी रह रही है, जिसकी भूमिका शबाना आज़मी निभा रही हैं। वह महिला अपना घर छोड़ने से इनकार कर देती है। इसी भावनात्मक और मानवीय संघर्ष के इर्द-गिर्द फिल्म की कहानी आगे बढ़ती है। फिल्म विभाजन के दौर की संवेदनाओं, रिश्तों और इंसानियत के संदेश को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।
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