Graham Staines Murder Case: ग्राहम स्टेंस हत्याकांड में दोषी दारा सिंह की समय से पहले रिहाई की मांग को ओडिशा सरकार ने खारिज कर दिया है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को इस फैसले की जानकारी दी। सरकार ने बताया कि राज्य सजा समीक्षा बोर्ड ने मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद दारा सिंह की समयपूर्व रिहाई की सिफारिश नहीं की।
सुप्रीम कोर्ट ने वकील को दिया दो सप्ताह का समय
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दारा सिंह के वकील को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि ओडिशा सरकार द्वारा सजा माफी की याचिका खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती देने के लिए कानून के तहत उपलब्ध आधारों का इस्तेमाल किया जा सकता है। अदालत ने उचित संशोधन आवेदन दाखिल करने के लिए दारा सिंह के वकील को दो सप्ताह का समय दिया है। मामले को अब तीन सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
राज्य सजा समीक्षा बोर्ड ने अपराध की गंभीरता पर किया विचार
ओडिशा सरकार ने अदालत को बताया कि राज्य सजा समीक्षा बोर्ड की 31 अगस्त को हुई बैठक में दारा सिंह की समयपूर्व रिहाई के प्रस्ताव पर विचार किया गया था। बोर्ड ने अपराध की गंभीरता के साथ मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा। विचार-विमर्श के बाद बोर्ड ने फिलहाल उनकी रिहाई की सिफारिश नहीं करने का फैसला किया।
संभावित सामाजिक और सांप्रदायिक प्रभाव का भी उल्लेख
बोर्ड के सामने रखी गई रिपोर्ट में दारा सिंह की रिहाई के संभावित सामाजिक प्रभाव और इलाके में सांप्रदायिक तनाव की आशंका का उल्लेख किया गया था। क्योंझर जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, 15 अगस्त को करीब 200 से 250 लोग प्रस्तावित रिहाई के संबंध में जिला जेल के बाहर जमा हुए थे। रिपोर्ट में कथित तौर पर कुछ भड़काऊ नारे लगाए जाने की बात भी कही गई थी।
जिला प्रशासन की रिपोर्ट को लेकर बोर्ड ने जताई कमी
राज्य सजा समीक्षा बोर्ड ने जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर भी विचार किया। बोर्ड के अनुसार, रिपोर्ट में स्पष्ट सिफारिश का अभाव था, जिसके कारण उसे पूरी तरह निर्णायक नहीं माना गया। इन परिस्थितियों को देखते हुए बोर्ड ने फिलहाल दारा सिंह की समयपूर्व रिहाई की सिफारिश नहीं करने का निर्णय लिया। अब इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी है।
कई बार पहले भी खारिज हो चुकी है रिहाई की मांग
दारा सिंह की समयपूर्व रिहाई की मांग पहले भी कई अवसरों पर खारिज की जा चुकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016, 2019, 2020, 2022 और 2023 में उनकी रिहाई के अनुरोध पर विचार हुआ था, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। इन फैसलों में सामाजिक प्रभाव और संभावित सांप्रदायिक तनाव जैसे पहलुओं का भी उल्लेख किया गया था।
2024 में दारा सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
समयपूर्व रिहाई के लिए दारा सिंह ने वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने लंबे समय तक जेल में रहने का हवाला देते हुए अपनी रिहाई के अनुरोध पर विचार करने की मांग की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा सरकार को उनकी मांग पर कानून के अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया था। अब राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ दारा सिंह की ओर से चुनौती दी जाएगी।
क्या है ग्राहम स्टेंस हत्याकांड?
ग्राहम स्टेंस हत्याकांड जनवरी 1999 में ओडिशा के क्योंझर जिले के मनोहरपुर में हुआ था। ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेंस और उनके दो नाबालिग बेटों फिलिप तथा टिमोथी की उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वे एक वाहन में सो रहे थे। इस मामले में दारा सिंह को दोषी ठहराया गया था और वर्ष 2003 में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी।
हाई कोर्ट ने मौत की सजा को उम्रकैद में बदला
मामले में ओडिशा हाई कोर्ट ने दारा सिंह की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2011 में उनकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा। तब से दारा सिंह जेल में सजा काट रहे हैं। उनकी ओर से लंबे समय तक कारावास में रहने के आधार पर समयपूर्व रिहाई की मांग की जाती रही है।
अब सरकार के फैसले को चुनौती देने की तैयारी
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के सामने मुख्य मुद्दा ओडिशा सरकार द्वारा दारा सिंह की समयपूर्व रिहाई की मांग खारिज किए जाने से जुड़ा है। अदालत ने उनके वकील को संशोधन आवेदन दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। इसके बाद मामले पर आगे सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए मामले को तीन सप्ताह बाद सूचीबद्ध किया है।
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