Disha Salian Case : दिशा सालियान की मौत के मामले में एक के बाद एक नए कानूनी घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। अब दिशा के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। नोटिस में दोनों नेताओं के हालिया बयानों पर आपत्ति जताते हुए सार्वजनिक माफी और मुआवजे की मांग की गई है।
सात दिनों में माफी की मांग
सतीश सालियान की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को सात दिनों का समय दिया गया है। नोटिस के मुताबिक, दोनों नेताओं को अपने कथित आपत्तिजनक बयान वापस लेने के साथ बिना शर्त लिखित और सार्वजनिक माफी मांगनी होगी। ऐसा नहीं होने पर सिविल और आपराधिक मानहानि की कानूनी कार्रवाई शुरू करने तथा 500 करोड़ रुपये के हर्जाने का दावा करने की चेतावनी दी गई है।
आदित्य ठाकरे के बयान पर जताई आपत्ति
नोटिस में आदित्य ठाकरे के उस सार्वजनिक बयान का उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह दिशा सालियान से कभी मिले या उन्हें जानते नहीं थे। उन्होंने मामले में अपना नाम जोड़े जाने को बिना सबूत की कोशिश बताया और कहा कि इससे उनकी छवि प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। सतीश सालियान के नोटिस में इन बयानों को गलत और भ्रामक बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई गई है।
अनिल देशमुख के बयान का भी हवाला
नोटिस में पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के पुराने बयान का भी जिक्र किया गया है। इसके अनुसार, 23 मार्च 2025 को देशमुख ने दिशा सालियान मामले को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश बताया था। सतीश सालियान की ओर से भेजे गए नोटिस में आरोप लगाया गया है कि ऐसे बयानों से उनकी न्याय की मांग और अदालत में दायर याचिका की मंशा पर सवाल खड़े हुए। ये आरोप फिलहाल नोटिस में किए गए दावे हैं।
2 सितंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट का अहम आदेश
इस मामले में 2 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को दिशा सालियान की मौत की जांच करने और FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। अदालत ने मुंबई पुलिस से संबंधित दस्तावेज सीबीआई को सौंपने के लिए भी कहा था। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया था कि जांच में पर्याप्त सामग्री सामने आने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए।
सीबीआई एफआईआर में कई नाम शामिल
हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने मामले में FIR दर्ज की। रिपोर्टों के मुताबिक, एफआईआर में आदित्य ठाकरे के अलावा रिया चक्रवर्ती, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, सचिन वाजे, परमबीर सिंह, उद्धव ठाकरे सहित कई अन्य लोगों के नाम जांच के संदर्भ में दर्ज हैं। नाम दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आरोप साबित हो गए हैं। सीबीआई जांच के दौरान सामने आने वाली सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
दिशा सालियान की मौत की दोबारा जांच शुरू
दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद मौत हुई थी। मुंबई पुलिस ने उस समय मामले को आकस्मिक मृत्यु के रूप में दर्ज किया था। बाद में उनके पिता सतीश सालियान ने मामले की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया और नई जांच की मांग की। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी कर रही है।
आदित्य ठाकरे ने आरोपों से किया इनकार
सीबीआई एफआईआर में नाम आने के बाद आदित्य ठाकरे ने सार्वजनिक बयान जारी कर दिशा सालियान से किसी परिचय से इनकार किया। उन्होंने कहा कि मामले में उनका नाम लगातार जोड़ा जाना राजनीतिक और व्यक्तिगत उद्देश्यों से प्रेरित प्रयास है। ठाकरे ने यह भी कहा कि आधिकारिक पुनः जांच को अपना काम करने दिया जाना चाहिए। उनकी ओर से लगाए गए ये आरोप भी उनके सार्वजनिक बयान का हिस्सा हैं।
मानहानि नोटिस में क्या है मुख्य मांग
सतीश सालियान की ओर से भेजे गए नोटिस में सार्वजनिक माफी के साथ विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया खातों पर माफी प्रकाशित करने की मांग रखी गई है। नोटिस के अनुसार, कथित बयानों को वापस लेने और उनकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए 500 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई है। सात दिनों की समयसीमा पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाने की बात कही गई है।
सीबीआई जांच और नोटिस से आगे बढ़ा मामला
दिशा सालियान केस में अब दो समानांतर कानूनी घटनाक्रम दिखाई दे रहे हैं। एक ओर बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की है और दूसरी ओर सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे तथा अनिल देशमुख के खिलाफ मानहानि नोटिस भेजा है। फिलहाल जांच जारी है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
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