ICC Action : इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने अमेरिका के क्रिकेटर बोडुगुम अखिलेश रेड्डी को भ्रष्टाचार निरोधक नियमों के गंभीर उल्लंघन का दोषी ठहराते हुए उन पर आठ साल का प्रतिबंध लगा दिया है। आईसीसी की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) की जांच में रेड्डी को तीन अलग-अलग भ्रष्टाचार संबंधी नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया। इस फैसले के बाद वह प्रतिबंध की अवधि के दौरान किसी भी स्तर के घरेलू, अंतरराष्ट्रीय या मान्यता प्राप्त क्रिकेट मुकाबले में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना जाएगा, क्योंकि इसी दिन उन्हें जांच के दौरान अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था।

तीन गंभीर एंटी-करप्शन नियमों के उल्लंघन का आरोप
आईसीसी की जांच में अखिलेश रेड्डी को भ्रष्टाचार निरोधक संहिता के तीन महत्वपूर्ण अनुच्छेदों का दोषी पाया गया। पहला आरोप आर्टिकल 2.1.1 के तहत था, जिसमें उन पर अबू धाबी टी10 लीग 2025 के दौरान मैच के परिणाम या खेल की परिस्थितियों को अनुचित तरीके से प्रभावित करने अथवा मैच फिक्सिंग का प्रयास करने का आरोप सिद्ध हुआ। यह क्रिकेट की निष्पक्षता के खिलाफ सबसे गंभीर अपराधों में से एक माना जाता है।

दूसरे खिलाड़ी को फिक्सिंग के लिए उकसाने का भी आरोप
आईसीसी ने रेड्डी को आर्टिकल 2.1.4 के उल्लंघन का भी दोषी पाया। जांच के अनुसार उन्होंने एक अन्य क्रिकेटर को भी मैच फिक्सिंग में शामिल होने के लिए प्रेरित करने, बहकाने और सहयोग देने की कोशिश की। किसी खिलाड़ी को भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाना आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक संहिता का गंभीर उल्लंघन माना जाता है। इसी वजह से इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान सबूत मिटाने की कोशिश भी हुई उजागर
रेड्डी पर तीसरा आरोप आर्टिकल 2.4.7 के तहत लगाया गया। जांच एजेंसियों ने पाया कि उन्होंने अपने मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण संदेश और अन्य डिजिटल डेटा हटाकर जांच को प्रभावित करने की कोशिश की। आईसीसी के अनुसार, सबूत नष्ट करना और जांच में बाधा डालना भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में बेहद गंभीर अपराध माना जाता है। इस कारण उनकी कार्रवाई को और अधिक कठोर माना गया तथा उन्हें लंबी अवधि के प्रतिबंध का सामना करना पड़ा।
अबू धाबी टी10 टूर्नामेंट से जुड़ा है पूरा मामला
यह पूरा मामला वर्ष 2025 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में आयोजित अबू धाबी टी10 टूर्नामेंट से जुड़ा हुआ है। इस प्रतियोगिता के दौरान भ्रष्टाचार विरोधी निगरानी की जिम्मेदारी अमीरात क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने आईसीसी की एंटी-करप्शन यूनिट को सौंपी थी। जांच के दौरान अधिकारियों को ऐसे साक्ष्य मिले जिनसे यह संकेत मिला कि अखिलेश रेड्डी ने मैचों को प्रभावित करने का प्रयास किया। इसके अलावा उन्होंने दूसरे खिलाड़ी को भी इस गतिविधि में शामिल करने की कोशिश की और बाद में जांच से बचने के लिए अपने मोबाइल से महत्वपूर्ण जानकारी हटाने का प्रयास किया। इन सभी आरोपों के सही पाए जाने के बाद आईसीसी ने उनके खिलाफ आठ वर्ष के प्रतिबंध का फैसला सुनाया।

अमेरिका के लिए खेल चुके हैं चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले
अखिलेश रेड्डी ने अप्रैल 2025 में अमेरिका की राष्ट्रीय टीम के लिए चार टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) मुकाबले खेले थे। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर अभी शुरुआती दौर में ही था, लेकिन भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोपों के कारण उन्हें बड़ा झटका लगा है। वह वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार निरोधक नियमों के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई झेलने वाले अमेरिका के दूसरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बन गए हैं। इससे पहले अमेरिकी बल्लेबाज एरॉन जोन्स पर भी बारबाडोस के बिम10 टूर्नामेंट के दौरान आईसीसी के कई भ्रष्टाचार निरोधक नियमों के उल्लंघन के आरोप साबित होने के बाद निलंबन और प्रतिबंध लगाया गया था। आईसीसी ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि क्रिकेट में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Read more : NEET UG Counselling 2026: MCC ने जारी किया वीडियो ट्यूटोरियल, रजिस्ट्रेशन से पहले जरूरी अपडेट












