Naxalism Debate Challenge : छत्तीसगढ़ की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच बयानबाजी का सिलसिला एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। बीते सप्ताह प्रेस क्लब में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर हुई बहस और चुनौती के बाद अब विजय शर्मा ने भूपेश बघेल को नक्सलवाद के मुद्दे पर सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर विस्तार से चर्चा के लिए तैयार हैं और विपक्ष को भी अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
विजय शर्मा बोले, नक्सलवाद पर पूरी चर्चा के लिए तैयार
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलवाद के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इस विषय पर पूरी तरह चर्चा के लिए तैयार हैं। उन्होंने कांग्रेस पर केवल भावनात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी के नेताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे नक्सलवाद से जुड़े मामलों में किस तरह का न्याय चाहते हैं। उनके बयान के बाद राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है।
भूपेश बघेल से सबूत NIA को देने की अपील
विजय शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि उनके पास नक्सलवाद से जुड़े कोई सबूत हैं तो उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA को सौंपना चाहिए। विजय शर्मा ने दावा किया कि पांच साल तक उनकी जेब से कोई सबूत बाहर नहीं आया। उन्होंने कहा कि अभी भी समय है और यदि कोई महत्वपूर्ण प्रमाण मौजूद है तो उसे संबंधित जांच एजेंसी के सामने रखा जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना पर भी बहस की पेशकश
विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर हुई पिछली बहस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा के लिए तैयार हैं। उन्होंने भूपेश बघेल को तैयारी के लिए एक महीने का समय लेने की बात कही और इसके बाद बहस करने की पेशकश की। इससे दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
तारा कोल ब्लॉक की नीलामी पर बघेल ने उठाए सवाल
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को भिलाई टाउनशिप के कई गणेश पंडालों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। बघेल ने आरोप लगाया कि इस मामले में सरकार जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण से जुड़े दस्तावेज जनता के सामने रखे जाने चाहिए।
हसदेव अरण्य के कोल ब्लॉकों का भी किया जिक्र
भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हसदेव अरण्य क्षेत्र के कई कोल ब्लॉकों को नीलामी से बाहर रखने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के 11 दिसंबर 2025 के पत्र का हवाला देते हुए दावा किया कि इसी पत्र के बाद तारा कोल ब्लॉक को दोबारा नीलामी प्रक्रिया में शामिल करने की कार्रवाई आगे बढ़ी।
मुख्यमंत्री साय को आमने-सामने चर्चा का न्योता
बघेल ने कहा कि उनके पास इस मामले से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पास भी संबंधित पत्र हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि दोनों पक्षों को मीडिया के सामने अपने-अपने दस्तावेज रखने चाहिए और आमने-सामने चर्चा करनी चाहिए। उनके मुताबिक, इससे तारा कोल ब्लॉक की नीलामी से जुड़े तथ्यों को जनता के सामने स्पष्ट किया जा सकेगा।
आरोपों के बजाय दस्तावेज सामने रखने की बात
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में केवल आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय दस्तावेज और तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने खुली बहस के जरिए पूरे मामले को जनता के सामने रखने की बात कही। वहीं, विजय शर्मा की नक्सलवाद और पीएम आवास पर बहस की चुनौती के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत में दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक टकराव का एक और मुद्दा सामने आया है।
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