Kerala Rain News: दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के बाद से केरल के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। भारी वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और कई स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। निचले इलाकों में पानी भरने से सैकड़ों घर जलमग्न हो गए हैं, जबकि कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन और मिट्टी धंसने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है और कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है ताकि प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिल सके।

मुख्यमंत्री ने बताया मृतकों और लापता लोगों का आंकड़ा
केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने सोमवार को प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सात लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि सोमवार सुबह नौ बजे तक राज्यभर में 316 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां 11,018 लोगों ने शरण ली है। सरकार प्रभावित परिवारों तक आवश्यक राहत सामग्री और चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

कई जिलों में हुई मौतें, राहत कार्य जारी
मुख्यमंत्री के अनुसार, कोट्टायम जिले में तीन लोगों की मौत हुई है, जिनमें पूंजार विधानसभा क्षेत्र के दो निवासी और पानी की टंकी में गिरने से एक बच्चे की मौत शामिल है। एर्नाकुलम जिले में दो लोगों की जान गई, जबकि इडुक्की और मुवाट्टुपुषा में एक-एक व्यक्ति की मृत्यु हुई। इसके अलावा कोल्लम में दो, मलप्पुरम में चार, कन्नूर में एक और कोझिकोड में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है। इनमें कोल्लम और कन्नूर से दो-दो लोग, मलप्पुरम से एक तथा इडुक्की और मुवाट्टुपुषा से एक-एक व्यक्ति शामिल हैं। राज्य की आपदा प्रबंधन एजेंसियां और बचाव दल लगातार खोज अभियान चला रहे हैं।
कई इलाकों में 100 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य के तीन मौसम केंद्रों पर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से दक्षिणी जिले पत्तनमथिट्टा में हालात और बिगड़ने की आशंका जताई है। विभाग के अनुसार, 2 अगस्त की सुबह 8:30 बजे से 3 अगस्त की सुबह 5:30 बजे के बीच पत्तनमथिट्टा के वेंकुरिंजी में सबसे अधिक 104.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके बाद इडुक्की जिले के उडुंबन्नूर में 103.0 मिलीमीटर और चेरुथोनी में 101.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक वर्षा हुई है।
अन्य जिलों में भी भारी बारिश का असर
मौसम विभाग के अनुसार, पत्तनमथिट्टा के लाहा में 87.0 मिलीमीटर, अलाप्पुझा के थायकाट्टुसेरी में 80.0 मिलीमीटर और एर्नाकुलम के नेरियामंगलम में 75.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पत्तनमथिट्टा के उलानाडु में 74.5 मिलीमीटर, एर्नाकुलम के मट्टनचेरी में 71.0 मिलीमीटर, पत्तनमथिट्टा के रन्नी चेथक्कल में 65.5 मिलीमीटर, कोट्टायम के वदावथूर में 64.0 मिलीमीटर, एर्नाकुलम के पल्लुरुथी में 63.0 मिलीमीटर तथा त्रिशूर के मुनक्कल में 62.0 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इन सभी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति देखने को मिली।

मौसम विभाग ने जारी की सतर्क रहने की सलाह
भारत मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल पूरी तरह सक्रिय है, जिसके कारण केरल के अधिकांश हिस्सों में व्यापक और लगातार बारिश होने की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने निचले इलाकों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है और स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सरकार ने लोगों से मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से तुरंत संपर्क करने की अपील की है।
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