Raja Raghuvanshi Wedding: देशभर में चर्चित रहे राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है। इस बार चर्चा उनकी शादी या उससे जुड़े चर्चित आपराधिक मामले को लेकर नहीं, बल्कि विवाह समारोह के कथित बकाया कैटरिंग बिल को लेकर हो रही है। जानकारी के अनुसार, शादी में भोजन और कैटरिंग सेवाएं उपलब्ध कराने वाले कारोबारी ने दावा किया है कि आयोजन का एक हिस्सा अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। इसी को लेकर अब कानूनी नोटिस भेजा गया है, जिससे यह मामला एक नए कानूनी विवाद का रूप लेता दिखाई दे रहा है।

करीब 2.82 लाख रुपये बकाया होने का दावा
कानूनी नोटिस में कैटरिंग व्यवसायी ने दावा किया है कि विवाह समारोह का कुल बिल 11 लाख 42 हजार 550 रुपये था। उनके अनुसार, इस राशि में से 8 लाख 60 हजार रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है, जबकि 2 लाख 82 हजार 550 रुपये अब भी बकाया हैं। कारोबारी का कहना है कि यह राशि लंबे समय से नहीं चुकाई गई है और कई बार भुगतान का अनुरोध करने के बावजूद मामला लंबित बना हुआ है।

परिवार को भेजा गया कानूनी नोटिस
बताया गया है कि कैटरिंग व्यवसायी ने सोनम रघुवंशी के भाई गोविंद रघुवंशी और उनके परिवार को अधिवक्ता के माध्यम से विधिक नोटिस भेजा है। नोटिस में बकाया राशि का भुगतान करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान नहीं होने पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। कारोबारी ने नोटिस के जरिए अपनी बकाया राशि की मांग दोहराई है।
कैटरिंग व्यवसायी ने क्या लगाया आरोप
हाई कोर्ट के अधिवक्ता जयंत दुबे के माध्यम से भेजे गए नोटिस में कैटरिंग व्यवसायी हितेश उर्फ जिमी रोहिरा ने कहा है कि उन्होंने 10 और 11 फरवरी 2025 को आयोजित राजा और सोनम रघुवंशी के विवाह समारोह में भोजन और कैटरिंग की पूरी व्यवस्था संभाली थी। उनके अनुसार, कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद अधिकांश भुगतान प्राप्त हुआ, लेकिन शेष राशि अब तक नहीं मिली। कारोबारी का आरोप है कि उन्होंने कई बार फोन, व्यक्तिगत मुलाकात और लिखित माध्यम से भुगतान का अनुरोध किया, लेकिन केवल आश्वासन ही मिलता रहा।
भुगतान नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
विधिक नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तो कारोबारी की ओर से कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नोटिस के अनुसार, संबंधित पक्ष के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात जैसे आरोपों के तहत आपराधिक शिकायत दर्ज कराने पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा बकाया राशि की वसूली के लिए सिविल कोर्ट में भी दावा दायर किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, फिलहाल यह मामला केवल कानूनी नोटिस के स्तर पर ही है।

दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार
अब तक गोविंद रघुवंशी या उनके परिवार की ओर से इस कानूनी नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए नोटिस में लगाए गए आरोप फिलहाल केवल कैटरिंग व्यवसायी के दावे हैं। मामले में संबंधित पक्ष का पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ती है या आपसी सहमति से समाधान निकलता है, यह आने वाले दिनों में तय होगा।
पहले भी सुर्खियों में रह चुका है यह मामला
राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी का मामला पहले से ही एक चर्चित आपराधिक प्रकरण के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा है। अब उसी विवाह समारोह से जुड़ा कथित बकाया कैटरिंग बिल एक अलग कानूनी विवाद के रूप में सामने आया है। इसी बीच यह भी जानकारी सामने आई है कि राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी ने हाल ही में मेघालय की एक अधीनस्थ अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। हालांकि, कैटरिंग बिल से जुड़ा यह विवाद अलग कानूनी मामला है और इसका निपटारा संबंधित पक्षों तथा न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही होगा।
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