Durg University News: छत्तीसगढ़ के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (दुर्ग विश्वविद्यालय) से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप को कथित वित्तीय अनियमितता के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने विश्वविद्यालय में कार्यरत एक दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से करीब 1.49 लाख रुपये का कथित गबन किया। शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की आंतरिक जांच कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। जांच रिपोर्ट और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मोहन नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।

महिला कर्मचारी के वेतन से नियमित कटौती का आरोप
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पीड़ित महिला कर्मचारी को हर महीने 11,515 रुपये वेतन मिलता था। आरोप है कि कुलसचिव ने अपने पद का प्रभाव इस्तेमाल करते हुए कर्मचारी पर दबाव बनाया और उसके वेतन का एक बड़ा हिस्सा नियमित रूप से दूसरे बैंक खाते में स्थानांतरित कराया। जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर यह रकम PhonePe और Paytm जैसे डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म के माध्यम से ट्रांसफर की जाती रही। लंबे समय तक यह प्रक्रिया जारी रहने के कारण कुल मिलाकर लगभग 1.49 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता होने का दावा किया गया है।

शिकायत के बाद विश्वविद्यालय ने कराई आंतरिक जांच
महिला कर्मचारी की शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच शुरू की। जांच के दौरान बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड, डिजिटल लेन-देन और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की विस्तार से जांच की गई। अधिकारियों ने कथित ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाकर पूरे घटनाक्रम का मूल्यांकन किया। जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामला पुलिस को सौंपा गया, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर की कार्रवाई
मोहन नगर पुलिस ने विश्वविद्यालय की जांच रिपोर्ट और उपलब्ध दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद आरोपी कुलसचिव के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। इन्हीं प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर भूपेन्द्र कुमार कुलदीप को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि कथित अनियमितता की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके।
अन्य लोगों की भूमिका की भी हो रही जांच
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित गबन के मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं। जिस बैंक खाते में राशि स्थानांतरित की गई, उसकी भी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस संबंधित खातों के लेन-देन और उनसे जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

डिजिटल भुगतान रिकॉर्ड बने महत्वपूर्ण साक्ष्य
इस मामले में PhonePe और Paytm के माध्यम से हुए डिजिटल भुगतान जांच का महत्वपूर्ण आधार बने हुए हैं। पुलिस बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का मिलान कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धनराशि किस प्रकार और किन परिस्थितियों में स्थानांतरित की गई। आधुनिक डिजिटल भुगतान प्रणाली से जुड़े रिकॉर्ड जांच एजेंसियों के लिए अहम साक्ष्य माने जा रहे हैं, क्योंकि इनके माध्यम से लेन-देन की पूरी श्रृंखला का विश्लेषण किया जा सकता है।
जांच जारी, आगे और खुलासों की संभावना
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी वित्तीय दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय से जुड़े इस मामले ने प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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