J&K Cloudburst: जम्मू-कश्मीर में सोमवार को लगातार खराब मौसम और प्राकृतिक आपदाओं ने कई इलाकों में जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया। पहलगाम, जोजिला, शोपियां और कुपवाड़ा समेत कई क्षेत्रों में बादल फटने की घटनाएं सामने आईं, जबकि सोनमर्ग में भूस्खलन की वजह से हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए। तेज बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। प्रशासन, पुलिस, SDRF और अन्य बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य में लगातार जुटी हुई हैं।

कुपवाड़ा में बादल फटने से महिला की दर्दनाक मौत
कुपवाड़ा जिले के लोलाब क्षेत्र में बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ में 52 वर्षीय नसीमा बेगम की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, नसीमा बेगम उफनते नाले पर बनी एक पुलिया को पार करने की कोशिश कर रही थीं, तभी तेज बहाव उन्हें अपने साथ बहा ले गया। स्थानीय लोगों और बचाव दल ने उनकी तलाश शुरू की, जिसके बाद उनका शव निचले इलाके में शाहाबाद के पास बरामद किया गया। इस घटना ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया और लोगों में भय का माहौल भी देखा गया।

शोपियां में लगातार बादल फटने से कई घरों में घुसा पानी
दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में लगातार तीसरे दिन भी मौसम ने कहर बरपाया। पहलपोरा और हीरपोरा में पहले हुई घटनाओं के बाद सोमवार दोपहर बदरहामा गांव में भी बादल फट गया। इसके बाद पहाड़ी इलाकों से तेज रफ्तार में पानी नीचे की ओर बहा और कई घरों में घुस गया। अचानक आई बाढ़ से गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिए ऊंचे स्थानों की ओर रुख किया, जबकि कई परिवारों के घरों और सामान को नुकसान पहुंचा।
ग्रामीणों ने मिलकर मोड़ा पानी का बहाव
बदरहामा गांव में स्थानीय लोगों ने संकट की घड़ी में एकजुट होकर राहत का प्रयास किया। युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने मिलकर पानी का बहाव दूसरी दिशा में मोड़ने की कोशिश की, ताकि रिहायशी इलाकों में नुकसान कम हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते यह प्रयास नहीं किया जाता तो कई और घर बाढ़ की चपेट में आ सकते थे। लोगों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा इंतजाम करने की मांग दोहराई।
विधायक ने किया प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
घटना की सूचना मिलने के बाद शोपियां के विधायक एडवोकेट शब्बीर अहमद कुल्लय प्रभावित गांव पहुंचे और स्थानीय निवासियों से हालात की जानकारी ली। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि वे लंबे समय से सुरक्षा बांध और मजबूत तटबंध बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने मांग की कि भविष्य में बादल फटने और अचानक आने वाली बाढ़ से बचाव के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था जल्द तैयार की जाए।

जोजिला में मलबा आने से बंद हुआ श्रीनगर-लेह हाईवे
जोजिला क्षेत्र में बादल फटने के बाद भारी मात्रा में मलबा श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया। सड़क पर बड़े पैमाने पर पत्थर और मिट्टी जमा होने के कारण प्रशासन ने एहतियातन इस महत्वपूर्ण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी। सड़क की स्थिति का आकलन करने और मलबा हटाने के लिए विशेष बहाली टीमों को मौके पर भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही इस मार्ग पर यातायात बहाल किया जाएगा।
यात्रियों को फिलहाल यात्रा टालने की सलाह
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि जब तक श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग को सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक इस मार्ग पर यात्रा करने से बचें। अधिकारियों के अनुसार, खराब मौसम और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सड़क की लगातार निगरानी की जा रही है और हालात सामान्य होने पर ही यातायात दोबारा शुरू किया जाएगा।
पहलगाम में सड़क क्षतिग्रस्त, SDRF ने संभाला मोर्चा
पहलगाम के लंगनाई ब्रिज के पास भी बादल फटने से तेज जलप्रवाह आया, जिससे सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके कारण वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी और कई यात्री रास्ते में फंस गए। सूचना मिलते ही स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और राहत अभियान शुरू किया। जवानों ने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया तथा क्षतिग्रस्त पुल को सावधानीपूर्वक पार कराने में सहायता की। पूरे राहत अभियान की निगरानी डिप्टी एसपी (पर्यवेक्षक अधिकारी, पहलगाम एक्सिस) की देखरेख में की जा रही है। प्रशासन ने कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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