CG High Court : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने न्यायिक व्यवस्था में मध्यस्थता प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर ‘मेडिएट फॉर नेशन 3.0’ अभियान के संचालन के लिए विशेष जिम्मेदारी तय की गई है। इसके तहत हाई कोर्ट विधिक सेवा समिति, बिलासपुर के सचिव रूपनारायण पठारे को अभियान का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी आदेश में उनकी जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया गया है।

MCPC के साथ तालमेल बनाकर करेंगे अभियान का संचालन
नवनियुक्त नोडल अधिकारी रूपनारायण पठारे अभियान के दौरान मेडिएशन एंड कन्सीलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी (MCPC) के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। उनका मुख्य कार्य देशभर में चल रही मध्यस्थता गतिविधियों से संबंधित आंकड़ों को व्यवस्थित करना और आवश्यक जानकारियों का आदान-प्रदान सुनिश्चित करना होगा। हाई कोर्ट ने माना है कि इस अभियान के जरिए लंबित मामलों के समाधान में तेजी लाई जा सकती है और न्यायालयों पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सकता है।

मध्यस्थता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल
हाई कोर्ट द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, नोडल अधिकारी अभियान से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की निगरानी करेंगे। वे छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट और MCPC के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने का कार्य करेंगे। इसके अलावा अभियान के दौरान होने वाली मध्यस्थता गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट और अन्य आवश्यक आंकड़े भी तैयार किए जाएंगे। न्यायिक अधिकारियों का मानना है कि विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने के लिए मेडिएशन एक प्रभावी माध्यम बन सकता है।
सात न्यायिक अधिकारियों को मिला ACP योजना का लाभ
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए निचली न्यायिक सेवा के सात अधिकारियों को एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) योजना का लाभ प्रदान किया है। इस फैसले से संबंधित न्यायिक अधिकारियों को सेवा अवधि और नियमों के आधार पर आर्थिक एवं पदोन्नति संबंधी लाभ मिलेंगे।हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पांच अधिकारियों को प्रथम ACP स्केल स्वीकृत किया गया है। इनमें शुभदा गोयल, मोहित सिंह, महेश बाबू साहू, रोजेमिन राजेश एक्का और निक्षन दावेद लकड़ा शामिल हैं। इन अधिकारियों को निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने के बाद नियमों के तहत यह लाभ प्रदान किया गया है।
दो अन्य न्यायिक अधिकारियों को भी मिली ACP मंजूरी
इसके अलावा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) मोहम्मद जहांगीर तिगाला को द्वितीय ACP स्केल का लाभ दिया गया है। वहीं अंजलि पांडे को प्रथम ACP स्केल प्रदान करने की मंजूरी दी गई है। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यह लाभ संबंधित अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड और लागू नियमों के अनुसार प्रभावी रहेगा।हाई कोर्ट के आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ भविष्य में वेतनवृद्धि रोकने या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है, तो ACP लाभ भी उसी के अनुरूप प्रभावित होगा। यानी अधिकारियों को मिलने वाले करियर प्रोग्रेशन लाभ सेवा नियमों और अनुशासनात्मक प्रावधानों के अधीन रहेंगे।

रजिस्ट्रार जनरल ने जारी किए आधिकारिक आदेश
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों को निर्धारित तिथि से ACP योजना का लाभ मिलेगा। हाई कोर्ट के इन दोनों फैसलों को न्यायिक प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।जहां एक ओर ‘मेडिएट फॉर नेशन 3.0’ अभियान से विवादों के त्वरित समाधान और मध्यस्थता व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर ACP लाभ से न्यायिक अधिकारियों को उनकी सेवाओं के अनुरूप प्रोत्साहन मिलेगा। इन निर्णयों से न्यायिक व्यवस्था में सुधार और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।
Read More : Ration Card Block: भाटापारा में सैकड़ों BPL कार्ड ब्लॉक, राशन दुकानों पर हड़कंप












