Rahul Gandhi Attack PM Modi: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है और छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।राहुल गांधी ने यह बयान एमडीएमके नेता वाइको की पुस्तक ‘वाइको इन पार्लियामेंट’ के विमोचन कार्यक्रम के दौरान दिया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा पर भी सवाल उठाए।

छात्रों के आंदोलन को बताया भारत की अवधारणा की लड़ाई
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में वर्तमान समय काफी असामान्य स्थिति से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर रहे हैं और वे बेहतर शिक्षा व्यवस्था, निष्पक्ष परीक्षाओं और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।राहुल गांधी ने कहा कि छात्र आज अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और उनके आंदोलनों को केवल विरोध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि छात्र भारत की विविधता, संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं।

पीएम मोदी के बयान पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आता कि प्रधानमंत्री को भारत के भविष्य यानी छात्रों को “माफ” करने का अधिकार किसने दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की जरूरत है, न कि उन्हें माफी देने की।उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है और सरकार को इस दिशा में जवाबदेही तय करनी चाहिए।
RSS की विचारधारा पर राहुल गांधी का हमला
राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह भारत की विविधता को एकरूपता में बदलने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि भारत अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और इतिहासों का देश है और हर राज्य को अपनी पहचान बनाए रखने का अधिकार है।उन्होंने कहा कि तमिल, मराठी, बंगाली और केरल जैसी संस्कृतियों की अपनी अलग ऐतिहासिक पहचान है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी ने दावा किया कि कुछ ताकतें केवल एक भाषा और एक इतिहास को महत्व देने की कोशिश कर रही हैं।
भारत अपनी विविध पहचान से समझौता नहीं करेगा
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत अपनी बहुलतावादी संस्कृति और इतिहास को कभी खत्म नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि कोई भी संगठन या विचारधारा देश के अलग-अलग हिस्सों की भाषाओं और परंपराओं को कमजोर नहीं कर सकती।उन्होंने दावा किया कि छात्र इसी सोच के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और वे भारत की मूल भावना यानी विविधता और समानता की रक्षा के लिए आंदोलन कर रहे हैं।

शिक्षा मुद्दे पर सरकार और विपक्ष में बढ़ा टकराव
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच लगातार राजनीतिक बयानबाजी जारी है।हाल ही में छात्रों के प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री मोदी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर सक्रिय नजर आए थे। उन्होंने एक वीडियो संदेश में प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल किए गए कथित आपत्तिजनक शब्दों को लेकर छात्रों को माफ करने की बात कही थी।
विपक्ष ने पीएम के बयान पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि असली मुद्दा पेपर लीक और छात्रों की परेशानियां हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार को छात्रों की समस्याओं पर जवाब देना चाहिए और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।राहुल गांधी ने भी इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता देश के युवाओं के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
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