Datia By Election: मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। पार्टी ने पूरे दतिया जिला संगठन को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इस निर्णय के तहत जिला कार्यकारिणी के साथ-साथ सभी मंडल, मोर्चे, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागीय इकाइयों को भी समाप्त कर दिया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह सहित पूरी जिला कार्यकारिणी को पदमुक्त करने के आदेश जारी किए हैं। इस फैसले को संगठन में जवाबदेही तय करने और नए सिरे से ढांचा तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नई टीम के गठन की तैयारी शुरू
पार्टी सूत्रों के अनुसार, दतिया जिले में जल्द ही संगठन का पुनर्गठन किया जाएगा और नई कार्यकारिणी का गठन होगा। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि उपचुनाव में मिली हार के बाद संगठन को नए सिरे से मजबूत करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से पुराने ढांचे को भंग कर नए नेतृत्व को मौका देने की रणनीति अपनाई जा रही है। माना जा रहा है कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक बदलावों पर तेजी से काम किया जाएगा।

हार की समीक्षा के लिए बनाई गई जांच समिति
उपचुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हार के कारणों की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। इस समिति में प्रदेश महामंत्री गौरव रांदिवे और वरिष्ठ नेता अंबराम कराड़ा को शामिल किया गया है। समिति को चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और नेताओं से बातचीत कर हार के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश नेतृत्व को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है।
पार्टी नेतृत्व का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। भाजपा पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि समीक्षा प्रक्रिया में अनुशासन और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री की बैठक में उठे अंदरूनी मतभेद के मुद्दे
दतिया उपचुनाव की हार को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में वरिष्ठ नेताओं की एक समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई थी। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पार्टी के कुछ नेताओं ने उनके खिलाफ काम किया और अंदरूनी साजिश के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ा।

बताया गया कि आशुतोष तिवारी ने अपने आरोपों के समर्थन में कुछ ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी पार्टी नेतृत्व को सौंपी हैं। इन दावों की जांच भी समिति द्वारा की जाएगी ताकि हार के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
बैठक में शामिल हुए कई वरिष्ठ नेता
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, धर्मेंद्र लोधी, तुलसी सिलावट, नरेंद्र शिवाजी पटेल, दिलीप जायसवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल तथा उपचुनाव प्रभारी भारत कुशवाह सहित संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में चुनावी रणनीति, संगठन की भूमिका और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस ने बरकरार रखी सीट
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों के अंतर से हराकर सीट अपने कब्जे में बरकरार रखी। चुनाव परिणाम के अनुसार, घनश्याम सिंह को 66,757 वोट मिले, जबकि आशुतोष तिवारी को 60,741 मत प्राप्त हुए। वहीं, आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर यादव 22,527 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इस परिणाम ने भाजपा संगठन के भीतर आत्ममंथन की प्रक्रिया को और तेज कर दिया।
नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से बढ़ा था विवाद
इस उपचुनाव में भाजपा ने छह बार के विधायक और वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। टिकट बदलने के फैसले के बाद पार्टी के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आई थी। जुलाई में नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें पुलिस के साथ झड़प और राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम जैसी घटनाएं भी हुई थीं।
हालांकि बाद में नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ मंच साझा कर कार्यकर्ताओं से पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में काम करने की अपील की थी। इसके बावजूद भाजपा को उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा। अब संगठनात्मक बदलाव और जांच समिति की रिपोर्ट के जरिए पार्टी हार के कारणों की पड़ताल कर भविष्य की रणनीति तैयार करने में जुट गई है।
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