Ambikapur News : संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणाम और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी परेशानियों के बीच NSUI ने छात्रहित में मोर्चा खोल दिया है। परीक्षा में अनुत्तीर्ण और अनुपस्थित विद्यार्थियों को एक और अवसर देने से लेकर लंबित पुनर्मूल्यांकन, पुनर्गणना, UFM और Withheld प्रकरणों के जल्द निराकरण की मांग को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया है। NSUI ने चेतावनी दी है कि समय पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में कई विद्यार्थियों का पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के सरगुजा संभाग विश्वविद्यालय अध्यक्ष सुरेन्द्र गुप्ता के नेतृत्व में एवं उपाध्यक्ष गौतम गुप्ता की मौजूदगी में प्रतिनिधिमंडल ने संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलपति को छात्रहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मार्च-अप्रैल 2026 में आयोजित मुख्य वार्षिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण एवं अनुपस्थित विद्यार्थियों के लिए पूरक परीक्षा-2026 के साथ विशेष परीक्षा (Special Examination) आयोजित करने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।

NSUI ने कहा कि केवल लिखित परीक्षा ही नहीं, बल्कि प्रायोगिक परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन में अनुत्तीर्ण अथवा अनुपस्थित विद्यार्थियों को भी विशेष अवसर दिया जाना चाहिए। संगठन ने ऐसे विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रायोगिक परीक्षा एवं विशेष आंतरिक मूल्यांकन आयोजित कर उनके परिणाम समयबद्ध तरीके से जारी करने की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों का एक पूरा शैक्षणिक वर्ष बर्बाद होने से बचाया जा सके।
ज्ञापन में बताया गया कि मुख्य वार्षिक परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी पूरक एवं विशेष परीक्षा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं कई विद्यार्थियों के पुनर्मूल्यांकन एवं पुनर्गणना के आवेदन भी लंबित हैं। वर्तमान में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया जारी है। ऐसे में परीक्षा और परिणाम संबंधी प्रक्रियाओं में देरी होने पर विद्यार्थियों के सामने समय पर प्रवेश लेने की समस्या खड़ी हो सकती है।
One-time Academic Relief की मांग
NSUI ने पूरक एवं विशेष परीक्षा की समय-सारणी, आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा कार्यक्रम तत्काल जारी करने की मांग की। साथ ही Old Scheme और New Scheme दोनों के विद्यार्थियों को समान रूप से लाभ देने के लिए इसे One-time Academic Relief के रूप में लागू करने का आग्रह किया।

NSUI उपाध्यक्ष गौतम गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। परीक्षा और परिणामों में अनावश्यक देरी से छात्रों को मानसिक, आर्थिक और शैक्षणिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। समय पर निर्णय होने से विद्यार्थियों का शैक्षणिक वर्ष सुरक्षित रहेगा और उनकी आगे की पढ़ाई बाधित नहीं होगी।
इस दौरान अमन सिंह, मनीष सोनी, प्रिंस, अभिषेक, इलेश सहित NSUI के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सभी लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण कर विद्यार्थियों को समयबद्ध तरीके से अगली शैक्षणिक प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर देने की मांग की है।











