CG Weather Update : छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और इसका असर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 7 अगस्त को राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में नमी बनी हुई है, जिससे अगले कुछ घंटों तक वर्षा की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। लोगों से मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है।

8 अगस्त से बारिश की तीव्रता में आ सकती है कमी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 8 अगस्त से प्रदेश में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने के संकेत हैं। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि वर्षा पूरी तरह थम जाएगी। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून सक्रिय रहेगा, लेकिन भारी बारिश वाले क्षेत्रों की संख्या पहले की तुलना में कम हो सकती है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को मौसम के बदलते रुख पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

बिलासपुर और सरगुजा संभाग में सबसे अधिक बारिश दर्ज
पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक असर बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में देखने को मिला, जहां एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा हुई। लगातार बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में जलभराव और ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित होने की भी खबरें सामने आईं। मौसम विभाग ने बताया कि इन संभागों में अगले कुछ समय तक बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
सामान्य से कम रही मौसमी वर्षा
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक पूरे प्रदेश में मौसमी वर्षा सामान्य औसत से लगभग 7 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। हालांकि हाल के दिनों में हुई बारिश से कई जिलों में वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बनी रहती है, तो वर्षा का यह अंतर और कम हो सकता है। कृषि क्षेत्र के लिए भी आगामी बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
तापमान में फिलहाल बड़े बदलाव के संकेत नहीं
बीते 24 घंटों के दौरान रायपुर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस पेंड्रारोड में रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। बादलों की आवाजाही और बीच-बीच में होने वाली बारिश के कारण मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा।

अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान
पूर्वानुमान के मुताबिक, 7 अगस्त को प्रदेश के अनेक स्थानों पर बारिश जारी रहने की संभावना है। इसके बाद 8, 9 और 10 अगस्त को अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। वहीं 11 और 12 अगस्त को फिर से कई क्षेत्रों में बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना जताई गई है। हालांकि इन दिनों किसी बड़े मौसम अलर्ट या अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मौसम विभाग ने जारी की सावधानी संबंधी सलाह
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 7 अगस्त के लिए राज्य के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कृषि उपज और कृषि उपकरण सुरक्षित स्थानों पर रखें तथा बिजली कड़कने के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें।
बीते 24 घंटों में कहां कितनी बारिश हुई
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बिलासपुर में 24.6 मिमी, पेंड्रारोड में 12.4 मिमी, माना एयरपोर्ट में 3.5 मिमी, अंबिकापुर में 3.4 मिमी और रायपुर के लालपुर क्षेत्र में 0.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं जगदलपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में इस अवधि के दौरान उल्लेखनीय बारिश नहीं हुई। विभाग का कहना है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा की गतिविधियां बनी हुई हैं और आने वाले दिनों में भी मौसम का यही रुख जारी रहने की संभावना है।
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