Shalimar Bagh Bulldozer Action : दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में मंगलवार देर रात सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत बड़ी डिमोलिशन कार्रवाई की गई। मैक्स हॉस्पिटल रोड और उसके आसपास मौजूद कुछ ढांचों को हटाने के लिए प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। देर रात अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में हलचल बढ़ गई और स्थानीय लोग मौके पर जुटने लगे।
सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाए गए ढांचे
बताया जा रहा है कि मैक्स हॉस्पिटल रोड से जुड़ी सड़क को चौड़ा करने की योजना के तहत पहले भी इस इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हो चुकी है। इस बार भी सड़क के विस्तार में बाधा बन रहे कुछ निर्माणों को हटाया गया। दिल्ली हाईकोर्ट के अप्रैल 2026 के एक आदेश में रोड नंबर 320 के चौड़ीकरण को महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना बताते हुए एंबुलेंस, दमकल, स्कूल बसों और सामान्य यातायात की आवाजाही के लिए इसके महत्व का उल्लेख किया गया था।
मदीना मस्जिद का हिस्सा भी कार्रवाई की जद में
देर रात हुई कार्रवाई में मदीना मस्जिद के एक हिस्से को भी गिराए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। इसके अलावा आसपास के कुछ मकानों और अन्य निर्माणों पर भी कार्रवाई की गई। मस्जिद प्रबंधन ने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी बात रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं मिला। दूसरी ओर, प्रशासन की कार्रवाई सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया से जुड़ी बताई गई है।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी से बढ़ी हलचल
डिमोलिशन अभियान के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। जैसे-जैसे स्थानीय लोगों को कार्रवाई की जानकारी मिली, मौके पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
AIMIM नेता शोएब जमई ने जताया विरोध
कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद AIMIM के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमई भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आधी रात की कार्रवाई और मस्जिद के हिस्से को गिराए जाने पर सवाल उठाए। जमई ने इसे असंवैधानिक बताते हुए प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुई एक पिछली कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली को वैसा मामला नहीं बनने दिया जाएगा। उनके बयान को विरोध के राजनीतिक पक्ष के रूप में देखा जा रहा है।
मस्जिद प्रबंधन ने नोटिस और प्रक्रिया पर उठाए सवाल
मदीना मस्जिद के प्रबंधन से जुड़े लोगों ने भी कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उनके अनुसार, उन्हें पहले अलग-अलग नोटिस मिले थे और मामले को लेकर अपीलीय स्तर पर भी कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई थी। मस्जिद प्रबंधन का दावा है कि उन्होंने पुराने निर्माण से जुड़े दस्तावेज और साइट प्लान प्रस्तुत किए थे। हालांकि, इन दावों और प्रशासनिक रिकॉर्ड से जुड़े सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण पर प्रशासन का पक्ष
दिल्ली हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में रोड नंबर 320 के आसपास अतिक्रमण के कारण सड़क के जिग-जैग होने और विस्तार में बाधा का उल्लेख किया गया है। अदालत ने कहा था कि सड़क का चौड़ीकरण आपातकालीन वाहनों और यातायात की बेहतर आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण है। अदालत के रिकॉर्ड में संबंधित जमीन को सार्वजनिक भूमि और वहां मौजूद कब्जों को अवैध बताया गया था।
कार्रवाई के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई
डिमोलिशन के बाद शालीमार बाग इलाके में पुलिस की तैनाती बनाए रखी गई। प्रशासन की ओर से सड़क चौड़ीकरण परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया जारी रहने की बात सामने आई है। वहीं, स्थानीय लोगों और मस्जिद प्रबंधन की आपत्तियों के बीच अब इस कार्रवाई की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी चर्चा तेज हो गई है। मामले में आगे की स्थिति संबंधित अधिकारियों और न्यायिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।
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