Kanker News : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में मादा भालू के खौफनाक हमले के बाद से ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल अब भी पूरी तरह से कायम है। दो निर्दोष ग्रामीणों की दर्दनाक मौत और एक महिला के गंभीर रूप से घायल होने की इस भयावह घटना के बाद अब स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न किए जाने और लगातार बढ़ रहे खतरों के बीच ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर एक अनोखा और कड़ा रुख अपनाया है, जिससे प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया है।
5 अगस्त की दर्दनाक घटना
यह पूरी दुखद घटना 5 अगस्त की है जब एक आक्रामक मादा भालू ने गांव के तीन अलग-अलग ग्रामीणों पर अचानक हमला कर दिया था। इस जानलेवा हमले में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल महिला का इलाज राजधानी रायपुर के अस्पताल में चल रहा है। घटना की सूचना पाकर जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भालू को ट्रेंकुलाइज किया, तो आक्रोशित भीड़ ने बेहोश भालू पर ही हमला कर दिया। लाठी-डंडों से पीटे जाने के कारण भालू बुरी तरह जख्मी हो गया था, जिसे वन विभाग की टीम अपने साथ ले गई, लेकिन इलाज के दौरान उस भालू ने भी अंततः दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों की बड़ी आशंका
मादा भालू की मौत के बावजूद ग्रामीणों की मुसीबतें और डर कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मादा के बाद अब एक नर भालू लगातार गांव और घरों के आसपास घूमता हुआ नजर आ रहा है। सबसे डराने वाली बात यह है कि उसके मुंह से लगातार लार टपकते हुए देखी गई है, जिससे ग्रामीणों के मन में यह गहरी आशंका बैठ गई है कि वह भालू भी रेबीज जैसी खतरनाक बीमारी से संक्रमित हो सकता है। इस स्थिति ने पूरे गांव के भीतर डर और अनिश्चितता का एक बहुत बड़ा और खौफनाक माहौल पैदा कर दिया है।
स्कूल में तालाबंदी और प्रदर्शन
इसी गहरे डर और असुरक्षा के माहौल के बीच, पहाड़ से सटे स्थानीय स्कूल में ग्रामीणों ने ताला जड़कर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के चारों तरफ बाउंड्री वॉल न होने के कारण छोटे-छोटे बच्चों की जान पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है। इसके अलावा, गांव तक पक्की सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग वे लंबे समय से कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई भी ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोगों का गुस्सा भड़क उठा है।
प्रशासन की समझाइश और तहसीलदार का बयान
ग्रामीणों के इस उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल के साथ तहसीलदार पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। उप सरपंच रितिका देवांगन ने स्पष्ट किया कि जब तक स्कूल की बाउंड्री वॉल, पक्की सड़क और बिजली की व्यवस्था नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। वहीं, नरहरपुर के तहसीलदार पुष्पराज पात्रा ने जानकारी दी है कि बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य तत्काल शुरू किया जा रहा है और अन्य मांगों को लेकर भी ग्रामीणों के साथ बातचीत लगातार जारी है।












