Iran US War : ईरान ने अमेरिका के सामने एक अहम प्रस्ताव रखा है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के मुताबिक, अगर अमेरिका क्षेत्र में अपना सैन्य दबाव और अभियान कम करता है, तो तेहरान सात दिनों के भीतर रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोल सकता है। ईरान का कहना है कि इसके साथ ही दोनों देशों के बीच जारी दुश्मनी को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए बातचीत का रास्ता भी फिर से खोला जा सकता है।
मध्यस्थों के जरिए वॉशिंगटन तक पहुंचाया गया प्रस्ताव
ईरानी अधिकारी के अनुसार, तेहरान का यह प्रस्ताव मध्यस्थ देशों के माध्यम से अमेरिकी प्रशासन तक पहुंचाया गया है। ईरान की योजना संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में मध्यस्थ देशों के साथ इस पहल को लेकर बातचीत करने की है। इस बातचीत का उद्देश्य तनाव कम करने और किसी संभावित समझौते की दिशा में आगे बढ़ना बताया गया है।
मुज्तबा खामेनेई और सुरक्षा परिषद से मिली मंजूरी
रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रस्ताव को ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की मंजूरी प्राप्त है। ईरान की प्रमुख मांगों में उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी समाप्त करना और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े अमेरिकी सैन्य अभियानों को रोकना शामिल है। तेहरान इन कदमों को बातचीत आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मान रहा है।
पेजेशकियन और ट्रंप की मुलाकात की संभावना खारिज
ईरानी अधिकारी ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच सीधी मुलाकात की संभावना से इनकार किया है। हालांकि, अधिकारी ने संकेत दिया कि यदि अमेरिका बातचीत को लेकर गंभीरता और प्रतिबद्धता दिखाता है, तो दोनों देशों के बीच समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना बनी हुई है। इसका मतलब है कि फिलहाल जोर प्रत्यक्ष शिखर बैठक के बजाय मध्यस्थों के जरिए बातचीत पर है।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक है। इसके जरिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और ऊर्जा उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय परिवहन होता है। ऐसे में इस मार्ग पर तनाव बढ़ने या समुद्री यातायात प्रभावित होने का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और शिपिंग गतिविधियों पर पड़ सकता है।
बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करने की मांग
ईरान का कहना है कि अमेरिकी सैन्य गतिविधियों और उसके बंदरगाहों पर लगी पाबंदियों को समाप्त करना जरूरी है। तेहरान का प्रस्ताव है कि इन कदमों के बदले वह होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोल सकता है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच बातचीत बहाल करने का रास्ता भी तैयार हो सकता है।
तेल निर्यात और समुद्री यातायात पर असर
ईरानी बंदरगाहों पर प्रतिबंध और होर्मुज से जुड़े तनाव के कारण कच्चे तेल के निर्यात तथा समुद्री यातायात पर दबाव बढ़ा है। इस स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई है। होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा और आवाजाही में किसी भी तरह की बाधा का असर कई देशों के बाजारों पर पड़ सकता है।
ईरान पहले भी रख चुका है बातचीत की शर्तें
ईरान की ओर से बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए पहले सात शर्तों का प्रस्ताव रखा गया था। इनमें बंदरगाहों की नाकेबंदी समाप्त करना और ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को बहाल करना जैसी मांगें शामिल थीं। अब होर्मुज को सात दिनों में खोलने का प्रस्ताव सामने आने से अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कूटनीतिक बातचीत की संभावित दिशा पर ध्यान बढ़ गया है।
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