JPSC Protest: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन के 16वें दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि युवा और छात्र सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और उन्हें किसी तरह के भ्रम में नहीं रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने छात्रों से अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचाने की अपील की।

‘युवाओं को मिलेगा इंसाफ’, सीएम ने दिया भरोसा
हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के साथ साजिश की जा रही है, लेकिन उनकी सरकार छात्रों के साथ पारदर्शिता के साथ न्याय करेगी। उन्होंने कहा कि युवा अपने अधिकारों के लिए विरोध और आंदोलन कर रहे हैं और सरकार की नीतियों के कारण ही उन्हें अपनी बात मजबूती से रखने का साहस मिला है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि युवाओं को न्याय मिलेगा और परीक्षा में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने ज्यादातर मांगों पर दिखाई सहमति
छात्र प्रतिनिधियों और सरकार के बीच बातचीत के दौरान कई मांगों पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, झारखंड सरकार JPSC प्रारंभिक परीक्षा यानी PT को रद्द करने के लिए तैयार है। इसके अलावा बैकलॉग की उन परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच के लिए CID और ED की जांच पर भी सरकार सहमत बताई जा रही है। हालांकि, छात्रों की सबसे प्रमुख मांग CBI जांच को लेकर अभी सहमति नहीं बनी है।
CBI जांच को लेकर सरकार और छात्रों में मतभेद
छात्र संगठन परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र CBI जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं, सरकार इस जांच के लिए फिलहाल तैयार नहीं है। सूत्रों के अनुसार, सरकार का रुख है कि संबंधित मामलों में CID और ED की जांच कराई जा सकती है। ऐसे में CBI जांच का मुद्दा बातचीत में सबसे बड़ा गतिरोध बना हुआ है।
JSSC में कटऑफ और उम्र सीमा पर भी असहमति
JSSC से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार ने CID और ED जांच के लिए सहमति दिखाई है। हालांकि, कटऑफ को लेकर Age Group की मांग पर सरकार अभी तैयार नहीं है। छात्रों की ओर से अभय तिवारी द्वारा दिए गए सभी एग्जाम रद्द करने की मांग पर भी अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है। इस मुद्दे पर मुख्य छात्र समूह के साथ दोबारा बातचीत होने की संभावना है।

देवेंद्र महतो ने लिखित आश्वासन की मांग की
सूत्रों के मुताबिक, सरकार के मंत्रियों ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की और उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की। इसके जवाब में महतो ने कहा कि केवल मौखिक आश्वासन पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि सरकार लिखित रूप से बताए कि छात्रों की मांगें स्वीकार कर ली गई हैं। फिलहाल बातचीत का अंतिम दौर जारी है।
पहले दो दौर की बातचीत रही थी बेनतीजा
छात्र आंदोलन को खत्म करने के लिए इससे पहले सरकार और छात्रों के बीच दो दौर की बातचीत हो चुकी थी, लेकिन दोनों बैठकें किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकीं। छात्र प्रतिनिधियों के मुताबिक, सरकार पहले अलग-अलग छात्र समूहों के साथ संयुक्त बैठक करना चाहती थी, जिसका छात्रों ने विरोध किया। इसके बाद सरकार ने JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच से जुड़े छात्रों को बातचीत के लिए बुलाया।
10 अगस्त को विधानसभा मार्च की चेतावनी
छात्र अभी भी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। आंदोलनकारियों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 10 अगस्त तक मांगों को लेकर लिखित आश्वासन नहीं दिया गया तो वे विधानसभा मार्च करेंगे। ऐसे में अंतिम दौर की बातचीत के नतीजे आंदोलन की अगली रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
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