JSSC CGL Scam : झारखंड में बहुचर्चित JSSC-CGL यानी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा में कथित अनियमितताओं और धांधली के मामले की जांच तेज हो गई है। इस मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) को बड़ी सफलता मिली है। सीआईडी की टीम ने बिहार के सारण जिले के रहने वाले आरोपी मनु कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी CID पुलिस स्टेशन में दर्ज कांड संख्या 01/2025 की जांच के तहत की गई है।
कई अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप
सीआईडी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी मनु कुमार सिंह पर JSSC-CGL परीक्षा में कई अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाने का आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए व्यवस्था करने में मदद की थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उसकी कथित सेटिंग के जरिए कई उम्मीदवार परीक्षा में सफल हुए।
परीक्षा धांधली के नेटवर्क की तलाश में पूछताछ
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सीआईडी अब उससे लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा में गड़बड़ी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। इसके अलावा अभ्यर्थियों तक अनुचित लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया, संपर्कों और संभावित आर्थिक लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
दो पुराने आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया
इस मामले में सीआईडी ने पहले से न्यायिक हिरासत में बंद दो आरोपियों को भी आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया है। इनमें पलामू निवासी कुंदन कुमार और गिरिडीह निवासी समीर कुमार शामिल हैं। अब मनु कुमार सिंह के साथ इन दोनों आरोपियों से भी पूछताछ की जाएगी। एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
तीनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ की तैयारी
जांच की अगली कड़ी में सीआईडी तीनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है। इस प्रक्रिया के जरिए जांच अधिकारी आरोपियों के बयानों में मौजूद समानताओं और विरोधाभासों की पड़ताल करेंगे। विशेष रूप से कथित पैसों के लेन-देन, अभ्यर्थियों से संपर्क और परीक्षा से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।
भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर छात्रों में नाराजगी
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा लंबे समय से छात्रों और युवाओं के बीच चर्चा में रहा है। परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार की मांग को लेकर छात्र संगठनों की ओर से प्रदर्शन भी किए गए हैं। जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के आह्वान पर हुए एक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
JPSC परीक्षाओं को लेकर हाई कोर्ट का अंतरिम आदेश
इसी बीच, झारखंड हाई कोर्ट में 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षा तथा उनसे जुड़ी नियुक्तियों का मामला भी सामने आया है। जस्टिस दीपक रोशन की पीठ ने राज्य सरकार के उन आदेशों पर रोक लगा दी है, जिनके जरिए इन परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने का निर्णय लिया गया था। अदालत के इस अंतरिम आदेश से संबंधित नवनियुक्त अधिकारियों को फिलहाल राहत मिली है।
CID जांच से सामने आ सकते हैं नए तथ्य
JSSC-CGL मामले में मनु कुमार सिंह की गिरफ्तारी और पहले से जेल में बंद आरोपियों को रिमांड पर लेने के बाद जांच एजेंसी के सामने अब पूरे कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की चुनौती है। पूछताछ के जरिए यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा कि परीक्षा में कथित अनियमितता किस स्तर तक पहुंची थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। सीआईडी की आगे की जांच और सामने आने वाले तथ्यों से मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
Read More : CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में दो दिन भारी बारिश का अलर्ट, अर्नब तूफान से तेज हवाओं का खतरा