Stock Market Today: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीदों को झटका लगने का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। वैश्विक बाजारों में बढ़ी अनिश्चितता के बीच घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों लाल निशान में चले गए। निवेशकों में सतर्कता बढ़ने के कारण शुरुआती कारोबार में कई प्रमुख शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।

सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत
मंगलवार सुबह करीब 9:18 बजे बीएसई सेंसेक्स 276 अंक की गिरावट के साथ 78,266.77 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 75 अंक टूटकर 24,510.45 के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ता नजर आया, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांक अपने शुरुआती स्तर से और नीचे फिसल गए।

बिकवाली बढ़ने से सेंसेक्स 330 अंक से ज्यादा टूटा
कारोबार आगे बढ़ने के साथ सेंसेक्स की गिरावट 330 अंक से अधिक हो गई। सूचकांक 78,212.35 के निचले स्तर तक पहुंच गया। दूसरी ओर निफ्टी भी करीब 98 अंक कमजोर होकर 24,485.45 के स्तर पर आ गया। बाजार में इस कमजोरी के पीछे वैश्विक स्तर पर बढ़ी अनिश्चितता और निवेशकों की जोखिम से दूरी को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
एविएशन और वित्तीय शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव
शुरुआती कारोबार में एविएशन और फाइनेंस सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी 50 में इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे। इंटरग्लोब एविएशन यानी इंडिगो के शेयर में करीब 1.76 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह ₹5,245.85 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
बजाज फाइनेंस और बैंकिंग शेयर भी कमजोर
बजाज फाइनेंस के शेयर में लगभग 1.21 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। भारतीय एयरटेल भी करीब 1.21 फीसदी की कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा। इसके अलावा एक्सिस बैंक के शेयर में लगभग 1.07 फीसदी और अल्ट्राटेक सीमेंट में करीब 1.06 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े शेयरों पर भी शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव बना रहा।

IT और मेटल शेयरों ने संभालने की कोशिश की
बाजार में व्यापक गिरावट के बावजूद आईटी और मेटल से जुड़े कुछ शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। इन क्षेत्रों के चुनिंदा शेयरों ने बाजार को निचले स्तरों से संभालने की कोशिश की। एचसीएल टेक्नोलॉजीज करीब 1.10 फीसदी की बढ़त के साथ निफ्टी 50 का प्रमुख टॉप गेनर बना। कंपनी का शेयर लगभग ₹1,371.95 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
टाइटन, टेक महिंद्रा और इंफोसिस में तेजी
आईटी और अन्य चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में मजबूती ने बाजार की गिरावट को कुछ हद तक सीमित किया। टाइटन के शेयर में लगभग 0.76 फीसदी की तेजी रही और यह ₹5,137 के आसपास पहुंच गया। टेक महिंद्रा करीब 0.72 फीसदी और इंफोसिस लगभग 0.60 फीसदी की बढ़त के साथ हरे निशान में बने रहे। इससे संकेत मिला कि बाजार में पूरी तरह बिकवाली का माहौल नहीं था और कुछ सेक्टरों में निवेशकों की दिलचस्पी कायम रही।
बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर सबसे ज्यादा कमजोर
सेक्टोरल प्रदर्शन पर नजर डालें तो बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़े इंडेक्स पर सबसे अधिक दबाव देखने को मिला। निफ्टी बैंक, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स कमजोर कारोबार करते नजर आए। निफ्टी बैंक इंडेक्स करीब 342 अंक यानी 0.59 फीसदी गिरकर 57,344.70 के स्तर पर पहुंच गया। बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का असर पूरे बाजार के प्रदर्शन पर भी पड़ा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिला-जुला रुख
व्यापक बाजार की बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन प्रमुख सूचकांकों से थोड़ा अलग रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में करीब 0.02 फीसदी की मामूली गिरावट दर्ज की गई। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 0.32 फीसदी की बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार करता रहा। इससे पता चलता है कि बड़ी कंपनियों में बिकवाली के बावजूद छोटे और मध्यम आकार के शेयरों में कुछ चुनिंदा खरीदारी बनी रही।
वैश्विक घटनाक्रम से बाजार की दिशा प्रभावित
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार की कमजोरी ऐसे समय देखने को मिली जब वैश्विक निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत और समझौते को लेकर घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की उम्मीदें कमजोर होने पर वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ सकती है। ऐसी परिस्थितियों में निवेशक आमतौर पर जोखिम वाले परिसंपत्तियों को लेकर सतर्क रुख अपनाते हैं, जिसका असर इक्विटी बाजारों पर पड़ सकता है।
निवेशकों की नजर अब आगे के संकेतों पर
घरेलू बाजार में शुरुआती गिरावट के बाद निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और अमेरिका-ईरान संबंधी घटनाक्रम पर बनी रहेगी। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में कमजोरी बाजार के लिए चुनौती बनी हुई है, जबकि आईटी और मेटल शेयरों की मजबूती कुछ राहत दे रही है। आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक परिस्थितियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
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