Sharad Pawar BJP : महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शरदचंद्र पवार गुट और बीजेपी के नेताओं के बीच हाल के दिनों में हुई मुलाकातों और सामने आए घटनाक्रमों ने राजनीतिक अटकलों को हवा दे दी है। हालांकि, दोनों दलों की ओर से किसी नए गठबंधन या राजनीतिक समझौते को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसके बावजूद लगातार सामने आ रहे घटनाक्रमों को जोड़कर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

शरद पवार और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात से शुरू हुई चर्चा
सबसे पहले NCP शरदचंद्र पवार गुट के प्रमुख शरद पवार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुलाकात को लेकर सार्वजनिक तौर पर अलग-अलग विषयों की जानकारी सामने आई, लेकिन इसके राजनीतिक असर को लेकर महाराष्ट्र में चर्चा शुरू हो गई। राजनीतिक जानकार इस मुलाकात को सामान्य संवाद के साथ-साथ बदलते समीकरणों के संदर्भ में भी देख रहे हैं।

सुप्रिया सुले के नेतृत्व में आठ सांसदों ने की PM मोदी से मुलाकात
इसके बाद सुप्रिया सुले के नेतृत्व में NCP शरदचंद्र पवार गुट के आठ सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सांसदों ने महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों के अलावा अन्य महत्वपूर्ण विषयों को भी प्रधानमंत्री के सामने रखा। पार्टी की ओर से इसे जनहित और विकास से जुड़े मुद्दों पर संवाद बताया गया, लेकिन एक साथ इतने सांसदों की प्रधानमंत्री से मुलाकात के राजनीतिक मायने भी निकाले जाने लगे।
रेवती सुले के रिसेप्शन में पीएम मोदी की मौजूदगी
तीसरा घटनाक्रम सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले के दिल्ली में आयोजित वेडिंग रिसेप्शन से जुड़ा है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के कई बड़े नेता शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग दलों के नेताओं की मौजूदगी और आपसी मुलाकातों ने राजनीतिक चर्चाओं को और बढ़ा दिया। हालांकि, किसी निजी समारोह में नेताओं की उपस्थिति को सीधे तौर पर राजनीतिक गठबंधन का संकेत मानना उचित नहीं होगा।
एक कार में दिखे सुप्रिया सुले और विनोद तावड़े
चौथा और सबसे ताजा घटनाक्रम सुप्रिया सुले और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े से जुड़ा है। दिल्ली में दोनों नेताओं के एक ही कार में सफर करने का वीडियो सामने आया है। वीडियो के सामने आने के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। इस मुलाकात को लेकर अलग-अलग राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं, हालांकि दोनों नेताओं के बीच बातचीत की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

योगेश कदम ने NDA में आने की जताई संभावना
शरद पवार और बीजेपी नेताओं के बीच बढ़ते संवाद पर शिवसेना के शिंदे गुट के नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री योगेश कदम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह शरद पवार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दोनों पक्षों के नेताओं के बीच नजदीकी बढ़ती दिखाई दे रही है, उसे देखते हुए अगर शरद पवार NDA के साथ आते हैं तो इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, शरद पवार जैसे अनुभवी नेता और उनकी पार्टी के नेताओं का NDA के साथ आना गठबंधन के लिए फायदेमंद हो सकता है।
क्या NDA के करीब जा रहा NCP शरदचंद्र पवार गुट?
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी चल रही है कि NCP शरदचंद्र पवार गुट के NDA के करीब आने की संभावनाओं को लेकर पर्दे के पीछे बातचीत हो सकती है। हालांकि, अभी तक ऐसी किसी बातचीत या गठबंधन को लेकर दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इन चर्चाओं को राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
गठबंधन होगा या महज राजनीतिक संवाद?
महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि शरद पवार, सुप्रिया सुले और बीजेपी नेताओं के बीच बढ़ता संवाद केवल सामान्य राजनीतिक संपर्क और संयोग है या इसके पीछे भविष्य की कोई बड़ी रणनीति तैयार हो रही है। आने वाले दिनों में यदि दोनों दलों के बीच औपचारिक बातचीत या कोई बड़ा फैसला सामने आता है, तो राज्य के राजनीतिक समीकरणों पर उसका सीधा असर पड़ सकता है।
फिलहाल सभी की नजरें अगले कदम पर
फिलहाल NCP शरदचंद्र पवार गुट और बीजेपी के बीच किसी गठबंधन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है। लगातार हो रही मुलाकातों और सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे संकेतों ने महाराष्ट्र की सियासत में नई बहस जरूर छेड़ दी है। अब देखना होगा कि यह संवाद आगे किसी राजनीतिक समझौते में बदलता है या फिर इसे सामान्य राजनीतिक संपर्क तक ही सीमित रखा जाता है।
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