Damoh Waterfall Rescue: राजस्थान के धौलपुर जिले में शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया। सरमथुरा उपखंड क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध दमोह झरने पर पिकनिक मनाने पहुंचे करीब 70 से 100 युवक अचानक पानी के तेज बहाव के बीच फंस गए। पहाड़ी इलाकों में लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण झरने में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया। देखते ही देखते पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि वहां मौजूद युवकों के लिए सुरक्षित स्थान की ओर लौटना मुश्किल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


तेज बहाव के कारण रास्ते में फंसे पर्यटक
बताया गया कि बड़ी संख्या में युवक शनिवार को दमोह झरने पर घूमने और पिकनिक मनाने पहुंचे थे। इसी दौरान आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश का पानी झरने में तेजी से पहुंचा। कुछ ही समय में जलस्तर बढ़ने लगा और रास्तों पर पानी का तेज बहाव दिखाई देने लगा। अचानक आई इस स्थिति से वहां मौजूद युवकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पानी बढ़ने के कारण वे एक स्थान पर फंस गए और वापस लौटने का रास्ता बंद हो गया।

सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। सरमथुरा के एसडीएम सहित प्रशासनिक अधिकारी, थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम दमोह झरने पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर भी लोगों से मदद ली गई। ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना पुलिस और बचाव दल का सहयोग किया। सभी का लक्ष्य पानी के बीच फंसे युवकों को सुरक्षित बाहर निकालना था।
रस्सियों और ट्रैक्टरों की मदद से शुरू हुआ रेस्क्यू
बचाव अभियान के दौरान कई तरह की चुनौतियां सामने आईं। तेज पानी के बहाव और लगातार बढ़ते अंधेरे के बीच रेस्क्यू करना बेहद मुश्किल था। इसके बावजूद प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने हिम्मत नहीं छोड़ी। युवकों को सुरक्षित निकालने के लिए रस्सियों और ट्रैक्टरों की सहायता ली गई। बचावकर्मियों ने बेहद सावधानी के साथ पानी के बीच फंसे लोगों तक पहुंच बनाई और उन्हें एक-एक करके सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना शुरू किया।
देर रात तक चला अभियान, सभी युवक सुरक्षित बाहर निकले
कई घंटे तक चले इस कठिन बचाव अभियान के बाद आखिरकार सभी फंसे हुए युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के सफल होने के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। समय रहते बचाव दल के पहुंचने और ग्रामीणों के सहयोग से एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया। घटना में किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है।

थाना प्रभारी ने पर्यटकों से की सावधानी बरतने की अपील
घटना के बाद सरमथुरा थाना प्रभारी कैलाश चंद ने पर्यटकों और आम लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही बारिश के कारण नदी, नालों और झरनों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में बारिश के मौसम में दमोह झरने जैसे जोखिम वाले पर्यटन स्थलों पर जाने से बचना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की अपील की।
बारिश के मौसम में झरनों पर बढ़ जाता है खतरा
दमोह झरने की घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली बारिश का असर कई बार कुछ ही मिनटों में झरनों और नदियों के जलस्तर पर दिखाई देने लगता है। ऐसे में मौसम सामान्य नजर आने के बावजूद पर्यटकों को पानी के आसपास जाने से बचना चाहिए। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे जोखिम उठाकर अपनी और दूसरों की जान खतरे में न डालें।
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