Vande Mataram Row : ‘वंदे मातरम्’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कांग्रेस और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच तीखी जुबानी जंग में बदल गया है। अमित शाह द्वारा कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत का अपमान करने का आरोप लगाए जाने के बाद कांग्रेस ने भी जोरदार पलटवार किया है। पार्टी ने शाह की माफी की मांग को वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार अपनी कथित नाकामियों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को राजनीतिक रूप दे रही है।


जयराम रमेश ने अमित शाह पर बोला हमला
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से माफी मांगने की मांग देश के सामने मौजूद वास्तविक समस्याओं और सरकार की कथित बड़ी विफलताओं से ध्यान हटाने का प्रयास है। रमेश ने शाह पर डॉ. बीआर आंबेडकर का अपमान करने का आरोप भी लगाया और उनकी विचारधारा से जुड़े संगठन पर ऐतिहासिक रूप से तिरंगे के प्रति उदासीन रहने का दावा किया।

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल
जयराम रमेश ने अपने बयान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्री की भूमिका पर सवाल खड़े होते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को विपक्ष से माफी मांगने की बजाय उन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए, जिनको लेकर देश में असंतोष और राजनीतिक बहस चल रही है।
पवन खेड़ा ने भी बीजेपी पर साधा निशाना
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भी अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब ‘वंदे मातरम्’ का नारा लगाने वालों पर लाठियां बरसाई जाती थीं, तब कांग्रेस ने इसी गीत को स्वतंत्रता आंदोलन की आवाज बनाया था। खेड़ा ने बीजेपी और आरएसएस से जुड़े लोगों पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनकी भूमिका पर सवाल उठाए।
कांग्रेस ने पुराना राज्यसभा भाषण साझा किया
कांग्रेस नेताओं ने जयराम रमेश का 10 दिसंबर 2025 को राज्यसभा में दिया गया भाषण भी सोशल मीडिया पर साझा किया। यह भाषण ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुई विशेष चर्चा के दौरान दिया गया था। रमेश ने अपने संबोधन में बीजेपी पर इतिहास को राजनीतिक नजरिए से पेश करने का आरोप लगाया था। उन्होंने गीत से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम और प्रमुख नेताओं के विचारों का उल्लेख किया था।

वंदे मातरम् के इतिहास का किया जिक्र
जयराम रमेश ने अपने राज्यसभा भाषण में सुभाष चंद्र बोस, रवींद्रनाथ टैगोर, राजेंद्र प्रसाद, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल के बीच ‘वंदे मातरम्’ को लेकर हुए पत्राचार और चर्चाओं का उल्लेख किया था। उन्होंने बताया था कि 28 अक्टूबर 1937 को कांग्रेस कार्यसमिति ने इस गीत को लेकर प्रस्ताव पारित किया था। उनके अनुसार, रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह के बाद गीत के शुरुआती दो छंदों को अपनाया गया, जिन्हें बाद में राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया गया।
अमित शाह ने कांग्रेस से मांगी माफी
विवाद की शुरुआत अमित शाह के रविवार को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में दिए गए बयान से हुई। एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कांग्रेस पर ‘वंदे मातरम्’ के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी ने गीत को बीच में रोकने का इशारा किया था। हालांकि, इस दावे को लेकर कांग्रेस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
शाह ने स्वतंत्रता सेनानियों का दिया हवाला
अमित शाह ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हजारों देशवासियों ने ‘वंदे मातरम्’ गाने के लिए अंग्रेजों की गोलियां और लाठियां सहीं तथा जेल गए। उन्होंने कांग्रेस और सोनिया गांधी से देश की जनता के साथ-साथ ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय से भी माफी मांगने की मांग की। अब कांग्रेस के पलटवार के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
दोनों पक्षों के बीच बढ़ी सियासी तकरार
‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर अमित शाह कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की मांग कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस इस मांग को राजनीतिक मुद्दों से ध्यान भटकाने की रणनीति बता रही है। आने वाले दिनों में इस विवाद को लेकर दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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