UGC NET Retest 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से UGC-NET जून 2026 के तीन विषयों की दोबारा परीक्षा कराने के फैसले के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने परीक्षा में हुई गंभीर गड़बड़ियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है। कांग्रेस का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की खामियों का खामियाजा आखिर छात्रों को क्यों भुगतना पड़ रहा है।
जयराम रमेश ने उठाए गंभीर सवाल
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि जून में हुई UGC-NET परीक्षा के करीब दो महीने बाद NTA ने प्रश्नपत्रों में कई तरह की गलतियां स्वीकार की हैं। उनके मुताबिक अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के पेपर में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद से जुड़ी गंभीर खामियां सामने आईं।
प्रश्नपत्रों में कई तरह की गलतियां मिलीं
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि प्रश्नपत्रों में प्रसिद्ध विद्वानों के नाम गलत लिखे गए थे। कई पुस्तकों के शीर्षक भी गलत या गड़बड़ थे। इसके अलावा प्रश्नों की भाषा, व्याकरण, लिंग-वचन के सामंजस्य और विराम चिह्नों में भी त्रुटियां पाई गईं। कुछ स्थापित अवधारणाओं के लिए गैर-मानक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई।
पुराने प्रश्नों को दोहराने का भी आरोप
कांग्रेस नेता के अनुसार NTA द्वारा गठित समिति ने तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में पहले आयोजित परीक्षाओं के कई प्रश्नों के दोहराव की बात भी सामने रखी। रमेश ने सवाल उठाया कि इतनी गंभीर कमियों का पता लगाने में लगभग दो महीने क्यों लग गए और इसके कारण छात्रों को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा।
छात्रों के भविष्य पर असर को लेकर चिंता
जयराम रमेश ने कहा कि दोबारा परीक्षा की वजह से छात्रों के लिए शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो सकता है। विभिन्न विश्वविद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने पूछा कि जिन उम्मीदवारों को समय पर परिणाम नहीं मिलने के कारण अवसर गंवाना पड़ेगा, उनके नुकसान की भरपाई कैसे होगी।
JRF और असिस्टेंट प्रोफेसर पात्रता पर असर
UGC-NET के परिणाम जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता और कई संस्थानों में PhD प्रवेश से जुड़े होते हैं। ऐसे में कांग्रेस ने कहा कि परीक्षा परिणाम में देरी युवाओं के लिए गंभीर समस्या बन सकती है। पार्टी ने सरकार से बाकी विषयों के उम्मीदवारों के परिणामों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
9 और 10 सितंबर को होगा रीटेस्ट
NTA ने तीन विषयों के लिए रीटेस्ट की तारीख घोषित कर दी है। अंग्रेजी का पेपर 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा। इसी दिन कॉमर्स की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की जाएगी। वहीं समाजशास्त्र का पेपर 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा।
87 विषयों में हुई थी UGC-NET परीक्षा
NTA ने UGC-NET जून 2026 परीक्षा का आयोजन 22 से 30 जून के बीच कुल 87 विषयों के लिए किया था। परीक्षा का उद्देश्य JRF प्रदान करने, असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए पात्रता निर्धारित करने और PhD कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों की योग्यता तय करना है।
समिति की जांच में सामने आईं खामियां
तीन विषयों से जुड़ी शिकायतें मिलने के बाद NTA ने जांच के लिए एक समिति गठित की थी। समिति ने प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपोग्राफिकल और अनुवाद संबंधी कई त्रुटियां पाईं। इसके साथ ही प्रश्नों के दोहराव की समस्या भी सामने आई। समिति ने निष्पक्ष और त्रुटिरहित परीक्षा के लिए तीनों विषयों का पेपर दोबारा कराने की सिफारिश की।
उम्मीदवारों से नहीं लिया जाएगा अतिरिक्त शुल्क
NTA ने स्पष्ट किया है कि रीटेस्ट में शामिल होने वाले उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। एजेंसी के मुताबिक, प्रश्नपत्रों में मिली कमियों को केवल उत्तर कुंजी पर आपत्तियां लेकर या कुछ प्रश्न हटाकर दूर करना संभव नहीं था। इसलिए निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए रीटेस्ट का निर्णय लिया गया है।
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