Weight Loss Tips : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के करीब 135 किलो से 89 किलो तक वजन कम करने की खबर ने एक बार फिर वेट लॉस और फिटनेस को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। करीब 46 किलो वजन कम करना निश्चित रूप से बड़ा बदलाव है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक वजन घटाना पूरी प्रक्रिया का अंतिम लक्ष्य नहीं है। असली चुनौती घटे हुए वजन को लंबे समय तक बनाए रखना है। सवाल यह है कि व्यक्ति पांच या दस साल बाद भी अपने वजन को नियंत्रित रखने में कितना सफल रहता है।
वजन कम होने के बाद बढ़ने का खतरा
अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. निशांत रैजादा के अनुसार, वजन कम करने के बाद उसे स्थिर रखना आसान नहीं होता। शरीर में भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन, ऊर्जा खर्च और मेटाबॉलिज्म में बदलाव हो सकते हैं। इन कारणों से वजन दोबारा बढ़ने की संभावना रहती है। इसलिए वजन घटाने के बाद नियमित शारीरिक गतिविधि को जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी माना जाता है।
वजन घटाना ही पूरी प्रक्रिया नहीं
डॉ. निशांत रैजादा बताते हैं कि जब किसी व्यक्ति का वजन काफी कम होता है, तो शरीर पुराने वजन की ओर लौटने की कोशिश कर सकता है। वजन घटने के बाद भूख बढ़ने और ऊर्जा खर्च में बदलाव जैसी स्थितियां सामने आ सकती हैं। यही वजह है कि कुछ समय तक डाइट या वर्कआउट करने के बजाय लंबे समय तक टिकाऊ फिटनेस रूटीन अपनाना जरूरी है।
रोजाना एक्सरसाइज क्यों जरूरी है?
नितिन गडकरी ने अपनी दिनचर्या में व्यायाम को महत्वपूर्ण स्थान देने की बात कही है और कुछ मौकों पर दो घंटे से अधिक समय तक वर्कआउट करने का जिक्र भी सामने आया है। हालांकि विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि हर व्यक्ति के लिए रोज दो घंटे व्यायाम करना जरूरी नहीं है। एक्सरसाइज की अवधि और प्रकार व्यक्ति की उम्र, वजन, फिटनेस स्तर, स्वास्थ्य और दैनिक दिनचर्या के अनुसार तय किया जाना चाहिए।
अपनी क्षमता के अनुसार चुनें एक्सरसाइज
हर व्यक्ति का शरीर और फिटनेस स्तर अलग होता है। इसलिए किसी के लिए तेज गति से पैदल चलना उपयोगी हो सकता है, जबकि दूसरा व्यक्ति साइकिलिंग, तैराकी या अन्य एरोबिक गतिविधियों को आसानी से अपना सकता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि गतिविधि नियमित हो और व्यक्ति उसे लंबे समय तक जारी रख सके। अचानक बहुत कठिन वर्कआउट शुरू करने के बजाय धीरे-धीरे शारीरिक गतिविधि बढ़ाना बेहतर तरीका हो सकता है।
सप्ताह में 200 से 300 मिनट एक्टिविटी फायदेमंद
विशेषज्ञ के मुताबिक लंबे समय तक वजन नियंत्रित रखने में नियमित शारीरिक गतिविधि अहम भूमिका निभाती है। उपलब्ध शोध में संकेत मिले हैं कि सप्ताह में करीब 200 से 300 मिनट की मध्यम स्तर की शारीरिक गतिविधि वजन प्रबंधन में मदद कर सकती है। एक बड़े मेटा-विश्लेषण में 116 रैंडमाइज्ड ट्रायल और 6,880 वयस्कों के आंकड़ों का अध्ययन किया गया। इसमें एरोबिक एक्सरसाइज बढ़ने के साथ वजन, कमर का घेरा और शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम होने के संकेत मिले।
कार्डियो के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी जरूरी
वजन घटाने की कोशिश में अक्सर लोग केवल कार्डियो एक्सरसाइज पर ध्यान देते हैं, लेकिन फिटनेस बनाए रखने के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी महत्वपूर्ण हो सकती है। वेट ट्रेनिंग या बॉडी-वेट एक्सरसाइज मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करती हैं। इसलिए बेहतर फिटनेस रूटीन में कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के बीच संतुलन बनाना उपयोगी हो सकता है।
डाइट और नींद को न करें नजरअंदाज
लंबे समय तक वजन नियंत्रित रखने के लिए केवल एक्सरसाइज पर्याप्त नहीं है। संतुलित कैलोरी सेवन, पर्याप्त प्रोटीन, पौष्टिक भोजन और अच्छी नींद भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर कोई व्यक्ति नियमित व्यायाम करता है, लेकिन खाने की आदतों पर ध्यान नहीं देता, तो वजन को नियंत्रित रखना मुश्किल हो सकता है। इसी तरह नींद की कमी और अनियमित दिनचर्या भी फिटनेस लक्ष्यों को प्रभावित कर सकती है।
सिर्फ वजन नहीं, पूरी सेहत पर दें ध्यान
वजन कम होने के बाद केवल मशीन पर दिखाई देने वाले आंकड़े को देखकर स्वास्थ्य का आकलन नहीं करना चाहिए। समय-समय पर कमर का घेरा, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफाइल जैसे स्वास्थ्य संकेतकों की निगरानी भी उपयोगी हो सकती है। खासतौर पर जिन लोगों को पहले से वजन या मेटाबॉलिक समस्याओं का जोखिम है, उन्हें बड़े बदलाव शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
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