Jharkhand Student Protest : प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई झारखंड कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक समाप्त हो गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत कर सरकार द्वारा लिए गए प्रमुख फैसलों की जानकारी साझा की। सबसे अहम निर्णय JSSC CGL परीक्षा को लेकर लिया गया है। लंबे समय से परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह बड़ी खबर है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद सरकार ने JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया है।
JSSC CGL परीक्षा रद्द करने पर कैबिनेट की मुहर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट ने JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से छात्र आंदोलन कर रहे थे। अभ्यर्थियों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही थी। अब सरकार के इस फैसले के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, परीक्षा दोबारा कब और किस प्रक्रिया के तहत आयोजित होगी, इसे लेकर आगे की जानकारी का इंतजार रहेगा।
TDPL से जुड़ी सभी परीक्षाएं भी होंगी रद्द
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने केवल JSSC CGL को ही रद्द करने का निर्णय नहीं लिया है। TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित की गई सभी परीक्षाओं को भी रद्द किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी परीक्षा की चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तब भी उसे रद्द करने का फैसला लागू होगा। यानी TDPL से जुड़ी परीक्षा, चयन प्रक्रिया और उसके परिणामों को भी सरकार के निर्णय के दायरे में रखा गया है।
परीक्षा में गड़बड़ी की होगी जांच
हेमंत सोरेन ने कहा कि JSSC CGL परीक्षा में सामने आई कथित गड़बड़ियों की जांच भी कराई जाएगी। सरकार यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि परीक्षा प्रक्रिया में आखिर किन स्तरों पर खामियां हुईं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। सरकार के इस कदम से छात्रों को परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही तय होने की उम्मीद है।
छात्रों को अलग-अलग गुटों में नहीं देखती सरकार
मुख्यमंत्री ने आंदोलन कर रहे युवाओं को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे युवा अलग-अलग खेमों में बंटे हुए नहीं हैं, बल्कि सभी झारखंड के नौजवान हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हमेशा युवाओं के हितों के साथ खड़ी रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह स्वयं हमेशा छात्रों और युवाओं के हितों के पक्ष में रहे हैं।
पुरानी व्यवस्था और SOP के पालन पर उठाए सवाल
भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं पर मुख्यमंत्री ने पूर्व की व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि पहले से निर्धारित Standard Operating Procedure (SOP) का पूरी सख्ती से पालन किया जाता, तो परीक्षा प्रक्रिया में ऐसी समस्याएं सामने नहीं आतीं। सरकार का मानना है कि केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि परीक्षा आयोजन के प्रत्येक चरण में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
धांधली रोकने के लिए सरकार ने बनाया कड़ा कानून
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और अनियमितताओं को रोकने के लिए पहले ही कड़ा कानून बनाया है। अब सरकार परीक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त सुधार करने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य परीक्षा आयोजित करने से लेकर मूल्यांकन और परिणाम जारी करने तक पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। सरकार के अनुसार, सुधारों के जरिए अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा प्रणाली को लेकर विश्वास बहाल करने की कोशिश की जाएगी।
JSSC और JPSC में सुधार के लिए बनेगी कमेटी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि JSSC और JPSC की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अमिताभ कौशल के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई जाएगी। यह समिति प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करेगी।
परीक्षा सुधारों पर समिति देगी सुझाव
प्रस्तावित उच्चस्तरीय समिति परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और जरूरी सुधारों को लेकर अपनी सिफारिशें तैयार करेगी। इसमें परीक्षा आयोजन की व्यवस्था, सुरक्षा, भर्ती प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जा सकता है। समिति की रिपोर्ट और सिफारिशों के आधार पर सरकार आगे की व्यवस्था तैयार करेगी। इसका उद्देश्य भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को ज्यादा विश्वसनीय और निष्पक्ष बनाना है।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ रोकने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होने देगी। परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। JSSC CGL को रद्द करने, TDPL की सभी परीक्षाओं को निरस्त करने और उच्चस्तरीय समिति गठित करने के फैसले को इसी दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है। अब छात्रों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और नई परीक्षा व्यवस्था पर रहेगी।
Read More : Cricket Funny Stories : युवी-भज्जी ने गांगुली से किया ऐसा मजाक, कप्तानी छोड़ने को तैयार थे दादा