Bhind Road Accident : मध्य प्रदेश के भिंड जिले में नेशनल हाईवे-719 पर देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 अन्य घायल हो गए। हादसा गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के छीमका गांव के पास हुआ। बताया जा रहा है कि एक लोडिंग वाहन में सवार मजदूरों की सामने से आ रहे ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए
प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक दोनों वाहनों की रफ्तार काफी तेज थी। आमने-सामने हुई टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि लोडिंग वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वाहन में फंसे कई लोगों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी और राहत कार्य में सहयोग किया।
धान की रोपाई के बाद मजदूर लौट रहे थे घर
जानकारी के अनुसार लोडिंग वाहन में सवार मजदूर ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र के चिनोर गांव में धान की रोपाई का काम करने गए थे। काम पूरा करने के बाद सभी मजदूर अपने घरों की ओर लौट रहे थे। इनमें उत्तर प्रदेश के पछगवां, लखीमपुर खीरी और आसपास के गांवों के रहने वाले लोग शामिल बताए जा रहे हैं। मजदूरों का यह सफर हादसे के कारण दर्दनाक घटना में बदल गया।
सड़क पर बैठी गायों को बचाने में हादसे की आशंका
प्रारंभिक जानकारी में बताया जा रहा है कि नेशनल हाईवे पर सड़क के बीच बैठी गायों को बचाने के प्रयास में लोडिंग वाहन अनियंत्रित हुआ। इसी दौरान सामने से आ रहे ट्रक से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, इसका पता पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस घटनास्थल से संबंधित सभी तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।
पांच लोगों ने मौके पर ही तोड़ा दम
हादसा रात करीब 12 बजे हुआ। टक्कर के बाद लोडिंग वाहन में सवार पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही गोहद चौराहा थाना प्रभारी रामनरेश यादव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था शुरू की।
पांच एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल भेजा
घटना की गंभीरता को देखते हुए डायल-108 सेवा को भी सूचना दी गई। इसके बाद एंबुलेंस प्रभारी प्रभांशु दुबे के निर्देश पर पांच डायल-108 एंबुलेंस घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। इसके अलावा डायल-112 वाहन की मदद भी ली गई। सभी घायलों को तत्काल गोहद स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया।
गंभीर घायलों को ग्वालियर किया गया रेफर
गोहद अस्पताल में उपचार के दौरान कई घायलों की हालत गंभीर पाई गई। उनकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया। जानकारी के अनुसार ग्वालियर ले जाते समय तीन और लोगों की मौत हो गई। इस तरह हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई। वहीं, 22 घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है।
कई घायलों की हालत अब भी नाजुक
पुलिस और प्रशासन के अनुसार दुर्घटना में घायल हुए कुछ मजदूरों की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद लोडिंग वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। दुर्घटना के बाद मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।
पुलिस ने शुरू की हादसे की विस्तृत जांच
पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। हादसे में शामिल दोनों वाहनों की स्थिति, उनकी रफ्तार और सड़क पर मौजूद परिस्थितियों को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। सड़क पर गायों के बैठने की बात भी सामने आई है, लेकिन पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट करेगी।
रतलाम में भी हो चुका है बड़ा सड़क हादसा
मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला चिंता बढ़ाने वाला है। इससे पहले रतलाम जिले में शुक्रवार देर रात मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर भी भीषण सड़क हादसा हुआ था। उस दुर्घटना में चार लोगों की मौत हुई थी, जबकि पांच लोग घायल बताए गए थे। लगातार सामने आ रहे हादसों ने सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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