Jharkhand Cyber Crime: झारखंड के धनबाद जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। धनबाद के पिठाक्यारी गांव में आधी रात पुलिस की भारी टीम ने अचानक घेराबंदी कर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 11 संदिग्ध साइबर अपराधियों को हिरासत में लिया। अचानक बड़ी संख्या में पुलिस वाहनों और जवानों के गांव में पहुंचने से पूरे इलाके में हलचल मच गई।
20 अधिकारियों और 150 जवानों ने संभाला मोर्चा
पुलिस के इस अभियान में ग्रामीण एसपी समेत करीब 20 पुलिस अधिकारी और 150 से ज्यादा जवान शामिल रहे। टीम ने गांव को चारों तरफ से घेर लिया और एक साथ कई घरों में दबिश दी। कार्रवाई को इस तरह अंजाम दिया गया कि संदिग्धों को संभलने या मौके से भागने का अवसर नहीं मिल सका। पुलिस ने घर-घर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया।
‘साइबर शील्ड’ अभियान के तहत हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई धनबाद एसएसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे मेगा ऑपरेशन ‘साइबर शील्ड’ का हिस्सा थी। एक अक्टूबर को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पिठाक्यारी गांव के कुछ लोग कथित तौर पर बड़ी साइबर ठगी की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने जानकारी की जांच की और इसके बाद देर रात संयुक्त टीम बनाकर छापेमारी की योजना तैयार की।
गुप्त रखी गई थी पूरी कार्रवाई
पुलिस ने इस ऑपरेशन को पूरी तरह गोपनीय रखा था। ग्रामीणों को भी छापेमारी की भनक पहले से नहीं लगने दी गई। ग्रामीण एसपी मोहम्मद एस. याकूब और एसडीपीओ निरसा लीलेश्वर महतो समेत वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई की गई। साइबर थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम ने संदिग्धों के घरों की तलाशी ली और कई सामान बरामद किए।
2.85 लाख रुपये और मोबाइल बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से 2.85 लाख रुपये नकद मिले। इसके अलावा 19 स्मार्टफोन और कीपैड मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। पुलिस ने एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और अन्य बैंक से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं। जांच एजेंसियां अब इन मोबाइल फोन और बैंक दस्तावेजों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर कथित नेटवर्क की गतिविधियों का पता लगाने में जुटी हैं।
11 संदिग्ध साइबर अपराधी हिरासत में
पुलिस ने जिन 11 लोगों को हिरासत में लिया है, उनमें श्यामसुंदर रविदास, राहुल रविदास, सचिन रविदास, मलय रविदास, श्यामापदो रविदास, झंटू ठाकुर, कुंदन वर्णवाल, अरमान रविदास, अजय रविदास, विजय रविदास और सागर रविदास के नाम बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी पिठाक्यारी गांव के निवासी हैं और उनकी उम्र 19 से 39 वर्ष के बीच है।
पढ़े-लिखे युवाओं की भूमिका की भी जांच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए कुछ युवक पढ़े-लिखे हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वे कथित साइबर ठगी से कैसे जुड़े और नेटवर्क में उनकी क्या भूमिका थी। पुलिस को आशंका है कि जल्दी पैसा कमाने के उद्देश्य से कुछ युवक इस अवैध गतिविधि में शामिल हुए होंगे। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
बिहार और पश्चिम बंगाल तक कनेक्शन की आशंका
जांच एजेंसियों को आशंका है कि पिठाक्यारी में सामने आया कथित साइबर नेटवर्क केवल धनबाद तक सीमित नहीं हो सकता। इसके संभावित संपर्क पश्चिम बंगाल और बिहार की सीमा से जुड़े इलाकों तक होने की भी जांच की जा रही है। बरामद मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।
साइबर अपराध पर पुलिस की सख्ती
पिठाक्यारी इलाके में पहले भी साइबर ठगी, फर्जी बैंक खातों, सिम कार्ड और एटीएम कार्ड से जुड़े मामले सामने आने की बात पुलिस की ओर से कही गई है। इस बार बड़े पैमाने पर रात में की गई घेराबंदी के जरिए पुलिस ने संगठित तरीके से कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, जांच अभी जारी है और नेटवर्क की अन्य संभावित कड़ियों का पता लगाने के लिए आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
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