CG Suspend News: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुंडरदेही में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक के दौरान कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। बैठक में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा कर रही थीं। इसी दौरान उप स्वास्थ्य केंद्र चंदनबिरही में पदस्थ ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक यशवंत साहू से राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में कम उपलब्धि को लेकर जानकारी मांगी गई। आरोप है कि जवाब देते समय उन्होंने कलेक्टर के साथ अमर्यादित व्यवहार किया और अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया।
कम उपलब्धि को लेकर मांगी जा रही थी जानकारी
जानकारी के मुताबिक, समीक्षा बैठक में जिले में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति और लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति पर चर्चा की जा रही थी। अधिकारियों से उनके क्षेत्र में योजनाओं के प्रदर्शन और अपेक्षित उपलब्धियां हासिल नहीं होने के कारणों की जानकारी ली जा रही थी। इसी क्रम में चंदनबिरही उप स्वास्थ्य केंद्र में तैनात ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक यशवंत साहू से भी उनके क्षेत्र की कम उपलब्धि को लेकर जवाब मांगा गया। इसी दौरान कथित तौर पर उनके व्यवहार को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया।
कलेक्टर के साथ अमर्यादित भाषा के आरोप
बैठक के दौरान यशवंत साहू पर कलेक्टर के साथ अभद्र व्यवहार करने और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया गया है। मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया। बैठक में मौजूद अधिकारियों के सामने हुई इस घटना के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई को अनुशासन और सरकारी बैठकों की मर्यादा बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल निलंबन
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बालोद की ओर से यशवंत साहू के निलंबन का आदेश जारी किया गया। आदेश के अनुसार, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
निलंबन अवधि में डौंडी रहेगा मुख्यालय
विभागीय आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान यशवंत साहू का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डौंडी निर्धारित किया गया है। निलंबन के दौरान उन्हें निर्धारित मुख्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि में उन्हें नियमों के तहत जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता रहेगी। इस दौरान उनकी सेवा संबंधी स्थिति विभागीय नियमों के अनुसार तय होगी।
स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति पर प्रशासन का फोकस
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा बैठकों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करना और निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आवश्यक सुधार करना होता है। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों से योजनाओं की प्रगति को लेकर जवाबदेही तय की जाती है। बालोद जिले की इस बैठक में भी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की उपलब्धियों और कमियों पर चर्चा की जा रही थी। इसी दौरान सामने आए विवाद ने प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई का रूप ले लिया।
अनुशासनहीनता पर विभाग ने दिया सख्त संदेश
यशवंत साहू के निलंबन की कार्रवाई से यह संकेत गया है कि सरकारी बैठकों में अधिकारियों और कर्मचारियों से अनुशासन एवं मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने तत्काल कार्रवाई की है। अब निलंबन अवधि के दौरान मामले से जुड़े विभागीय तथ्यों और नियमों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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