Congress Muslim League : छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में वंदे मातरम् को लेकर पारित प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस की ओर से वंदे मातरम् के दो मिनट गाए जाने संबंधी प्रस्ताव के बाद साव ने आरोप लगाया कि यह फैसला कांग्रेस की लंबे समय से चली आ रही तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा है। उन्होंने कांग्रेस पर देशहित से समझौता करने का आरोप लगाते हुए पार्टी की राजनीतिक सोच पर सवाल उठाए।
कांग्रेस पर मुस्लिम लीग की राह पर चलने का आरोप
मीडिया से बातचीत के दौरान अरुण साव ने कहा कि CWC में वंदे मातरम् को लेकर पारित प्रस्ताव देश के साथ धोखे जैसा है। उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिम परस्त राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी मुस्लिम लीग के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। साव के मुताबिक, इस फैसले से कांग्रेस की कथित तुष्टिकरण की राजनीति एक बार फिर सामने आ गई है।
अभनपुर वीडियो को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
उपमुख्यमंत्री ने अभनपुर में कांग्रेस के एक नेता से जुड़े वायरल वीडियो पर भी प्रतिक्रिया दी। वीडियो में कांग्रेस नेता पर एक अधिकारी के साथ कथित तौर पर गाली-गलौच करने का आरोप है। साव ने कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। उन्होंने अधिकारियों के साथ इस तरह के व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए संबंधित मामले में कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया।
भूपेश बघेल के कार्यकाल पर भी उठाए सवाल
अरुण साव ने इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान अधिकारियों पर दबाव बनाकर काम कराने की स्थिति रही होगी। साव ने दावा किया कि अधिकारियों को कथित धमकियों के कारण कांग्रेस के कुछ नेता आज जेल में हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस को बताया मुद्दाविहीन पार्टी
अरुण साव ने कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज मुद्दाविहीन होती जा रही है और पार्टी नेताओं की भाषा तथा काम का स्तर लगातार गिर रहा है। साव ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस की यही स्थिति बनी रही तो उसके सामने राजनीतिक अस्तित्व बचाने की चुनौती खड़ी हो सकती है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को आत्ममंथन करने की सलाह दी।
पार्टी में आपसी खींचतान का लगाया आरोप
उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस के भीतर चल रही कथित गुटबाजी को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि पार्टी में आपसी खींचतान लगातार दिखाई दे रही है और इसका असर सार्वजनिक रूप से भी नजर आता है। साव के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं को पहले अपने संगठन की आंतरिक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए और उसके बाद दूसरी पार्टियों पर सवाल उठाने चाहिए।
कुर्सी की लड़ाई पर बीजेपी-कांग्रेस की तुलना
सोशल मीडिया पर कांग्रेस के ‘कुर्सी दंगल’ से जुड़े पोस्ट को लेकर पूछे गए सवाल पर साव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वास्तव में कुर्सी की लड़ाई कांग्रेस के भीतर चल रही है। इसके विपरीत उन्होंने बीजेपी में ऐसी किसी स्थिति से इनकार किया। साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीजेपी एकजुट होकर काम कर रही है।
मोदी की गारंटियों को पूरा करने का दावा
अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी में पद या कुर्सी को लेकर कोई संघर्ष नहीं है और सरकार का ध्यान विकास तथा जनता से किए गए वादों को पूरा करने पर है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक विवादों में उलझे रहने का आरोप लगाया।
शराब घोटाले की ED जांच पर क्या बोले साव
शराब घोटाले से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के करीबियों पर प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर भी अरुण साव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच ED कर रही है और जांच के दौरान होने वाली कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। साव ने कहा कि जांच एजेंसी अपने स्तर पर काम कर रही है और मामले में तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
गौठान मुद्दे पर कांग्रेस से मांगा जवाब
गौठान योजना को लेकर कांग्रेस के बयानों पर भी उपमुख्यमंत्री ने पलटवार किया। साव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में गौठान के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ था और अब कांग्रेस को इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार गौ धाम योजना पर तेजी से काम कर रही है, जिसका उद्देश्य पशुधन संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
Gen Z और सोशल मीडिया पर अधिकारियों की सक्रियता
Gen Z और सरकारी अधिकारियों के सोशल मीडिया से जुड़ने के सवाल पर साव ने कहा कि यह सोशल मीडिया का दौर है। उन्होंने कहा कि सरकार और विभागों की योजनाओं तथा कामकाज की जानकारी जनता तक तेजी से पहुंचाने के लिए अधिकारियों और विभागों का डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहना जरूरी है। उनके अनुसार, सूचना प्रसार के माध्यम तेजी से बदल रहे हैं और प्रशासन को भी उसी के अनुरूप अपनी संचार व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
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