Mohali Accident : पंजाब के मोहाली जिले से गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। मोहाली के एयरोसिटी एयरपोर्ट रोड पर बन रहे एक निजी अस्पताल की निर्माणाधीन साइट पर अचानक मिट्टी धंसने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में वहां काम कर रहे दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर घायल बताया जा रहा है। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।
अचानक धंस गई निर्माण स्थल की मिट्टी
जानकारी के मुताबिक, निर्माणाधीन अस्पताल की साइट पर मजदूर अपने काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा धंस गया और वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। घटना इतनी अचानक हुई कि मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मिट्टी में दबने के कारण दो मजदूरों की जान चली गई, जबकि एक मजदूर घायल हो गया। हादसे के कारण निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ ही बचाव अभियान शुरू कराया। राहत और बचाव दल ने मलबे और मिट्टी के बीच फंसे मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया। घायल मजदूर को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है।
निर्माण कार्य में नियमों की अनदेखी का आरोप
हादसे के बाद मोहाली के वार्ड नंबर 22 के म्युनिसिपल काउंसलर हरविंदर सिंह ने निर्माण स्थल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि यहां बन रहे मेडिसिटी प्राइवेट हॉस्पिटल के निर्माण में जरूरी नियमों का पालन नहीं किया गया। काउंसलर के मुताबिक, निर्माण स्थल पर कई व्यवस्थाएं ठीक तरीके से नहीं की गई थीं। उन्होंने बताया कि हादसे में दो मजदूरों की मौत हुई है और एक घायल मजदूर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रशासन को पहले ही दी गई घटना की जानकारी
हरविंदर सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी प्रशासन को दे दी गई थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस स्टेशन के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव अभियान के दौरान सभी प्रभावित मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह और निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
निर्माण स्थलों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
मोहाली की इस घटना ने निर्माणाधीन परियोजनाओं में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी की खुदाई, ढलान और सुरक्षा व्यवस्था में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन और मजदूरों के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
चमोली में भी हुआ था बड़ा निर्माण हादसा
इससे पहले 13 अगस्त को उत्तराखंड के चमोली जिले में भी एक दर्दनाक हादसा हुआ था। पीपलकोटी इलाके में एक निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल अचानक धंस गई थी। बताया गया था कि सुरंग के अंदर मौजूद एक कैविटी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी बाहर आ गया, जिसके कारण वहां काम कर रहे मजदूर फंस गए थे।
छह दिन तक चला था रेस्क्यू ऑपरेशन
चमोली हादसे में 10 मजदूरों की मौत हुई थी, जबकि 12 अन्य मजदूरों को घायल अवस्था में सुरंग से बाहर निकाला गया था। हादसे के बाद SDRF, NDRF, ITBP, सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियों की संयुक्त टीमों ने लगातार छह दिनों तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसों ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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